नई दिल्ली : करीब 9,000 करोड़ रुपए का कर्ज मामले में भारत से भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने लंदन कोर्ट में बड़ा दावा किया है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि भारत छोड़ने से पहले उन्होंने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी और सभी मामलों को निपटने की बात कही थी, लेकिन बैंकों ने उनके सेटलमेंट पर सवाल खड़े कर दिए थे.

अपने प्रत्यर्पण के मामले की सुनवाई के लिए माल्या बुधवार को लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश हुए. सुनवाई के दौरान उन्होंने कोर्ट में यह बात कही. माल्या के वकील ने कोर्ट को बताया कि अभी तक ऐसे कोई भी सबूत नहीं मिले हैं, जिनके आधार पर यह कहा जा सके कि माल्या या किंगफिशर ने किसी बुरी नीयत से बैंकों से लोन लिया था.

माल्या के वकील ने कहा कि सीबीआई के राकेश अस्थाना ने बैंकों पर माल्या के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए दबाव बनाया था और केस दर्ज नहीं करने के दशा में परिणाम भुगत लेने के धमकी दी थी.

#WATCH "I met the Finance Minister before I left, repeated my offer to settle with the banks", says Vijay Mallya outside London's Westminster Magistrates' Court pic.twitter.com/5wvLYItPQf

— ANI (@ANI) September 12, 2018

सुनवाई के बाद कोर्ट ने बाहर आकर मीडिया से बात करते हुए माल्या ने कहा कि वह अभियोजन पक्ष के आरोपों से सहमत नहीं हैं, इस बारे में कोर्ट को कोई फैसला लेने दें.