नई दिल्ली: भारतीय बैंकों को 9000 करोड़ रूपये का चूना लगाकर भारत से फरार शराब कारोबारी विजय माल्या ने दावा किया है कि वो देश छोड़ने से पहले सेटलमेंट के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला था. लंदन में माल्या ने कहा, ''मैं मामला निपटाने को लेकर जेटली से मिला था. मैं बैंक का बकाया कर्ज चुकाने के लिए तैयार था, लेकिन बैंकों ने मेरे सेटलमेंट को लेकर सवाल खड़े किए.''

विजय माल्या के दावों को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि सेटलमेंट का दावा झूठा है. एक सांसद के नाते उनसे मुलाकात हुई थी. जेटली ने कहा, ''मल्या का बयान गलत है. संसद में मुलाकात हुई थी.''

The statement of Vijay Mallaya that he met me & offered settlement is factually false in as much as it does not reflect truth. Since 2014, I have never given him any appointment to meet me and the question of his having met me does not arise.

— Arun Jaitley (@arunjaitley) September 12, 2018

वहीं विजय माल्या के दावे के बाद विपक्षी पार्टियां एक बार फिर बीजेपी की नेतृत्व वाली मोदी सरकार के खिलाफ हमलावर हो गई है. कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार को बताना होगा कि विजय माल्या को भारत से जाने कैसे दिया गया. पार्टी ने कहा, ''मोदी सरकार को वित्त मंत्री जेटली से माल्या की मुलाकातों का ब्योरा देना होगा.''

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, “भगौड़ो का साथ, लुटेरों का विकास बीजेपी का एकमात्र लक्ष्य है. मोदी जी, छोटा मोदी #1, छोटा मोदी #2, ‘हमारे मेहुल भाई’, अमित भटनागर जैसों को देश के करोड़ो लुटवा, विदेश भगा दिया. विजय माल्या, तो श्री अरुण जेटली से मिल, विदाई लेकर, देश का पैसा लेकर भाग गया है? चौकीदार नहीं, भागीदार है!''

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''नीरव मोदी ने देश छोड़ने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. विजय माल्या ने भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मुलाकात की. इन बैठकों में क्या हुआ? लोग जानना चाहते हैं.''