नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दिव्यांग छात्रों ने छात्रावास के मेस में उन्हें भोजन पर मिलने वाली 50 प्रतिशत सब्सिडी वापस लिए जाने का आरोप लगाया है।

मेस सब्सिडी को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताते हुए प्रबंधन ने कहा है कि वह मेस सब्सिडी संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहे हैं।

छात्रों का दावा है कि उन्हें 2012 से भोजनालय (मेस) के खाने पर छूट मिल रही थी लेकिन जुलाई के बाद से उन्हें दूसरे छात्रों के बराबर ही कीमत चुकानी पड़ रही है।

सूत्रों का कहना है कि डीयू को यूजीसी से कोई अनुदान नहीं मिला है क्योंकि उसने मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय द्वारा भेजे गए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

एचआरडी मंत्रालय, डीयू और यूजीसी के बीच होने वाले इस समझौते को पिछले साल विश्वविद्यालय भेजा गया था जिसपर उसे यूजीसी से निधि जारी रखने के लिए हस्ताक्षर करने थे।

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘विश्वविद्यालय 2012 से खुद ही सब्सिडी देता आया है। उसे कहीं से भी निधि नहीं प्राप्त हुई है। इसका यह मतलब नहीं है कि सब्सिडी वापस ले ली गई है। हम इसे जारी रखेंगे। कुछ प्रक्रियाओं में बदलाव किए गए हैं और हम उन पर काम कर रहे हैं ताकि इसे जारी रखा जा सके।’’