नवरात्र का उत्सव अपने ऊरूज पे है। तमाम शहर शक्ति की भक्ति में लीन है। हर बरस की तरह इस बार भी कई अखबार नवरात्र पर विशाल गरबा उत्सव का आयोजन कर रहे हैं। दैनिक भास्कर और पत्रिका के गरबा उत्सव बड़े पैमाने पर आयोजित होते हैं। वहीं राजएक्सप्रेस सहित कई अखबारों में ये आयोजन होते हैं। लेकिन इस दफे अखबारों के इन भव्य गरबा उत्सवों पर चुनाव आचार संहिता का असर दिखाई देगा। रात दस बजे बाद साउंड सिस्टम बंद करने का दबाव अभी से बनने लगा है। आचार संहिता के चलते कोई मंत्री या सरकारी अधिकारी किसी भी गरबा उत्सव के मंच पर स्पेशल गेस्ट के बतौर मौजूद नहीं रह सकता। वैसे अखबार के रिपोर्टरों को इससे काफी आराम मिल गया है। पहले गरबा उत्सव में मंत्रियों और अफसरों को लाने का दबाव रिपोर्टरों पर हुआ करता था। अब मंत्री और अफसर आचार संहिता के चलते इन आयोजनों में जाने से गुरेज कर रहे हैं। खबर तो ये भी मिली है कि पुलिस वालों को निर्देश है कि वो रात दस बजे गरबा उत्सव में तेज आवाज में होने वाले साउंड सिस्टम की वीडियो बनाएं  और थानें में कम्प्लेंट दर्ज करें। लिहाजा अबकि बार चुनावी बेला में हो रहे अखबारों के गरबा उत्सवों में हाई लेवल सेटिंग नहीं हो पाएगी।