यूरिन इंफैक्शन यानि UTI महिलाओं में होने वाली आम समस्या है। 100 में से 80 प्रतिशत महिलाएं यूरिन इंफैक्शन का शिकार हो जाती हैं। इसका कारण यूरिन को ज्यादा देर तक रोक के रखना है, जब मूत्राशय में बैक्टीरिया जमा हो जाए तब पेशाब के जरिए इंफैक्शन यूट्रस तक पहुंच जाता है। जिससे प्रेग्नेंसी में परेशानी आने के साथ-साथ कई तरह के गंभीर रोग होने का डर रहता है। इस परेशानी को छुपाने या लक्षणों की अनदेखी करने से सेहत ज्यादा बिगड़ सकती है। सही समय पर इसका इलाज बहुत जरूरी है।


1. क्या है यूरिन इंफैक्शन?
यूरिन इंफैक्शन किसी भी उम्र और किसी भी समय हो सकता है। जो लोग ज्यादा देर तक यूरिन रोक कर रखते हैं वे जल्दी इस इंफैक्शन का शिकार हो जाते हैं क्योंकि पेशाब के बैक्टीरिया शरीर में जमा होकर संक्रमण पैदा करने लगते हैं। इससे यूरिन करते समय दर्द होना, प्राइवेट पार्ट में खुजली और जलन और परेशानी बढ़ने पर बैठने में भी तकलीफ होने लगती है।  

2. यूरिन इंफैक्शन के कारण
मसालेदार खाने का सेवन - जो लोग मसालेदार भोजन, तली-भूनी चीजों का ज्यादा सेवन और अनहेल्दी खाना खाते हैं उन्हें इस तरह का इंफैक्शन जल्दी हो जाता है।

दवाइयों का ज्यादा सेवन- जो औरतें बीमारी के चलते दवाइयों का बहुत ज्यादा सेवन करती हैं, उन्हें यूरिन इंफैक्शन बहुत जल्दी घेर लेता है। इसके अलावा दूषित पानी का सेवन भी इसकी वजह बनता है।  

गंदा बाथरूम इस्तेमाल करना- बाथरूम में जमा गंदगी भी यूरिन इंफैक्शन का कारण बनता है। टॉयलेट सीट पर गंदगी जमा होने से बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इसके इस्तेमाल से यूरिन इंफैक्शन जैसी कई बीमारिया हो सकती हैं।

संबंध बनाने के बाद सफाई न रखना- शारीरिक संबंध बनाने के बाद प्राइवेट पार्ट की सफाई न करना भी यूरिन इंफैक्शन की वजह हो सकता है।

किडनी में पथरी होना- किडनी में पथरी होना भी यूरिन इंफैक्शन की बड़ी वजह है। जो लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें खुद का खास ख्याल रखना चाहिए।

शरीर में पानी की कमी - शरीर में पानी की कमी होने से भी यूरिन इंफैक्शन हो सकता है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी का सेवन जरूर करें।


3. यूरिन इंफैक्शन के लक्षण- यूरिन इंफैक्शन होने पर कई तरह के संकेत दिखने शुरू हो जाते हैं। इन पर ध्यान देकर परेशानी से जल्दी छुटकारा पाया जा सकता है।

- यूरिन करते समय जलन होना
- यूरिन से बदबू आना
- कमर के निचले हिस्से में दर्द
- बार-बार पेशाब आना
- भूख न लगना
- कमजोरी व थकावट का अहसास होना
- यूरिन का रंग पीला हो जाना
- पेट और मूत्र मार्ग में जलन

इस तरह के लक्षण दिखाई दे तो यूरिन टेस्ट करवा कर अच्छे चिकित्सक से इलाज शुरू करवाएं। दवाइयों के अलावा कुछ घरेलू तरीके भी इसके लिए कारगर हैं।

यूरिन इंफैक्शन से बचने के घरेलू उपाय
1. गोमुखासन योग - महिलाओं के लिए यह आसन बहुत लाभकारी है। यूरिन इंफैक्शन से जल्दी राहत पाने के लिए गोमुखासन योग जरूर करें।

2. क्रैनबेरी जूस पीएं- रोजाना एक गिलास क्रेनबेरी का जूस पीएं। इंफैक्शन दूर करने में यह बहुत लाभकारी है। 3-4 दिन इसका सेवन करने से आराम मिलता है।

3. गर्म पानी की सिकाई- यूटीआई इंफैक्शन से राहत पाने के लिए गर्म पानी से सिकाई करने से फायदा मिलता है। इससे सूजन भी ठीक हो जाती है।

4. लहसुन- लहसुन कुदरती रूप से संक्रमण से लड़ने में मददगार है। रोजाना खाली पेट लहसुन की कली का पानी से साथ सेवन करने से लाभ मिलता है। इसके अलावा खाने में लहसुन को जरूर शामिल करें।

5. सेब का सिरका- 1 गिलास पानी में 2 चम्मच सेब का सिरका मिला पीना भी लाभकारी है।

6. लस्सी का सेवन- जिन लोगों को यूटीआई की परेशानी है उन्हें रोजाना 1 गिलास लस्सी का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे पेशाब की जलन से भी छुटकारा मिलता है।

7. चावल का पानी - आधा गिलास चावल के पानी में चीनी मिलाकर पीने से यूरिन में होने वाली जलन कम हो सकती है।

8. बादाम और इलायची- बादाम की 5 गिरी में 7 छोटी इलायची और मिश्री डालकर पीस लें। फिर इसे पानी में घोलकर पीएं, दर्द और जलन कम होगी।