रोविडेन्स : खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अब तक अपना प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही भारतीय महिला क्रिकेट टीम शुक्रवार (9 नवंबर) को यहां न्यूजीलैंड के खिलाफ महिला वर्ल्ड टी-20 चैंपियनशिप में अपने अभियान का सकारात्मक आगाज करने के लिए उतरेगी. भारतीय महिला टीम 50 ओवरों के मैच की तुलना में टी-20 में प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पायी है. वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम पिछले साल फाइनल में पहुंची थी जहां उसे इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा था.

कप्तान हरमनप्रीत कौर और नवनियुक्त कोच रमेश पोवार ने कहा कि टीम ने फाइनल की उस हार से सबक लिया है और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम ‘निर्भीक’ बन गई है. भारत की छह खिलाड़ी पहली बार वर्ल्ड कप में भाग ले रही हैं.

पिछले पांच वर्ल्ड टी-20 में भारत कभी फाइनल में नहीं पहुंच पाया. वह 2009 और 2010 में सेमीफाइनल में पहुंचा था. यह पहला अवसर है जबकि महिला वर्ल्ड टी-20 पुरूषों से अलग आयोजित किया जा रहा है. इससे पहले महिला और पुरूष दोनों के टूर्नामेंट एक साथ होते थे.

वर्ल्ड टी-20 से पहले भारत ने अच्छी फॉर्म दिखाई है. उसने श्रीलंका को उसकी सरजमीं पर हराया और ऑस्ट्रेलिया ए को स्वदेश में पराजित किया. अभ्यास मैचों में मौजूदा चैंपियन वेस्टइंडीज और इंग्लैंड पर जीत से भारतीय टीम का आत्मवर्ल्डास बढ़ा है. सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने कहा कि जून में एशिया कप टी-20 फाइनल में बांग्लादेश से मिली हार ने टीम को सही समय पर सतर्क कर दिया.

टीम की उप कप्तान मंधाना ने कहा, ''एशिया कप में मिली हार के बाद हर किसी ने वापस लौटने पर कड़ी मेहनत की. आप देख सकते हैं कि हर कोई उस स्थिति में है जहां उसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के लिहाज से होना चाहिए.''

उन्होंने कहा, ''श्रीलंका के खिलाफ सीरीज वास्तव में अच्छी रही. मैं निजी तौर पर अच्छा स्कोर नहीं बना पायी लेकिन एक मैच में मैंने और हरमनप्रीत ने एक भी रन नहीं बनाया और तब भी टीम 170 रन बनाने में सफल रही. यह बेहतरीन प्रदर्शन था.'' मिताली राज के साथ पारी का आगाज करने वाले मंधाना ने कहा, ''गेंदबाजों ने पिछले तीन महीने में काफी सुधार किया है. अपनी रणनीति को लेकर उनकी राय अब स्पष्ट है. जहां तक क्षेत्ररक्षण का सवाल है तो पिछले वर्ल्ड कप की तुलना में हम दस प्रतिशत बेहतर हैं.''

शीर्ष क्रम में स्मृति मंधाना और मिताली राज का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा तो मध्यक्रम की जिम्मेदारी किशोरी जेमिमा रोड्रिग्स, तान्या भाटिया और हरमनप्रीत पर होगी. स्पिन विभाग की अगुवाई लेग स्पिनर पूनम यादव करेगी. स्पिन भारत का मजबूत पक्ष है क्योंकि झूलन गोस्वामी के संन्यास के बाद तेज गेंदबाजी विभाग अनुभवहीन है.

भारत पिछले तीन अवसरों पर ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाया था और उसे यह सीढ़ी पार करने के लिए निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना होगा. न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती मुकाबले के बाद भारतीय टीम 11 नवंबर को पाकिस्तान से, 15 नवंबर को आयरलैंड से और 17 नवंबर को तीन बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी.

पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रमेश पोवार को टीम से काफी उम्मीदें हैं. पोवार ने कहा, ''वे जानती हैं कि अगर वे निजी तौर पर अच्छा प्रदर्शन करती हैं तो भारतीय महिला क्रिकेट आगे बढ़ेगा और लोग भारत और दुनियाभर में इस खेल पर गौर करेंगे. जब आप इस तरह के टूर्नामेंट में खेलते हो तो आपको रिकॉर्ड तोड़ने होते हैं और व्यक्तिगत और टीम के रूप में दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचना होता है.''

टीमें इस प्रकार हैं :

भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), तान्या भाटिया (विकेटकीपर), एकता बिष्ट, दयालान हेमलता, मानसी जोशी, वेदा कृष्णमूर्ति, स्मृति मंधाना, अनुजा पाटिल, मिताली राज, अरुंधती रेड्डी, जेमिमा रॉड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, पूजा वस्त्राकर, राधा यादव, पूनम यादव में से.

न्यूजीलैंड : एमी सटरथवाइट (कप्तान), सूजी बेट्स, बर्नाडिन बेज़ुइडेनहाउट (विकेटकीपर), सोफी डेविन, केट इब्राहिम, मैडी ग्रीन, होली हडलस्टन, हेले जेन्सन, लीग कास्पेरेक, एमेलिया केर, केटी मार्टिन, अन्ना पीटरसन, हैरियेट रोव, ली तहुहू, जेस वाटकिन.