अहमदाबाद: पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा पर्चा लीक मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दो कार्यकर्ताओं और एक उप निरीक्षक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. पर्चे की लीक होने की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने परीक्षा शुरू होने से महज कुछ घंटे पहले ही रविवार को परीक्षा को रद्द कर दिया था.

गुजरात के 2,440 केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा में करीब आठ लाख 75 हजार परीक्षार्थियों को शामिल होना था. मामले में दो आरोपी मनहर पटेल और मुकेश चौधरी सत्तारूढ़ बीजेपी से जुड़े हुए हैं ऐसे में उनकी गिरफ्तारी के बाद पार्टी की प्रदेश इकाई ने तत्काल प्रभाव से उनके निलंबन का आदेश दिया है.

दो अन्य आरोपी रूपल शर्मा और उप निरीक्षक वी पी पटेल हैं. पटेल गांधीनगर में बेतार (वायरलेस) विभाग में तैनात है। रूपल गांधीनगर में एक हॉस्टल में काम करती है और पूर्व पुलिस उप-निरीक्षक की बेटी है. गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक मयूर चावडा ने संवाददाताओं को बताया कि चौधरी और शर्मा को संभावित रूप से परीक्षा में शामिल होना था. उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी यशपाल सोलंकी अब भी फरार है और उसे पकड़ने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं.

महिसागर जिले के लूनावाडा के मूल निवासी सोलंकी ने दिल्ली से यह पर्चा लीक किया था. वह वडोदरा नगर निगम में एक कर्मचारी के तौर पर काम करता है. चावडा ने कहा कि सोलंकी कथित रूप से 30 नवंबर की रात को दिल्ली गया और उसे किसी तरह लिखित परीक्षा में पूछे जाने वाले कुछ सवालों के जवाब मिल गए. उन्होंने कहा, ‘‘वह अगले दिन विमान से वापस वडोदरा आ गया और परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों के जवाब कुछ लोगों को भेज दिये, जिनमें मनहर पटेल भी शामिल था. उसने इन्हें चौधरी को बढ़ा दिया.’’

चावडा ने कहा कि उप निरीक्षक वी पी पटेल, मनहर पटेल को जानता था. वह परीक्षा में शामिल हो रहे अपने कुछ अभ्यर्थियों के लिये जवाब चाहता था. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है.