मास्को: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका प्रतिबंधित मिसाइलों को विकसित करता है तो रूस भी ऐसा ही करेगा. पुतिन ने कहा कि अमेरिका यदि एक महत्वपूर्ण हथियार संधि से बाहर निकलता है और उसके द्वारा प्रतिबंधित मिसाइलों को विकसित करना शुरू करता है तो रूस भी ऐसा ही करेगा. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने नाटो की एक बैठक में घोषणा की थी कि अमेरिका रूसी ‘‘धोखाधड़ी’’ के कारण 60 दिनों में इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस ट्रिटी (आईएनएफ) के तहत अपने दायित्वों को छोड़ेगा. पोम्पियो के बयान के एक दिन बाद बुधवार को पुतिन का बयान आया है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वर्ष की शुरूआत में आईएनएफ से अलग होने के अपने निर्णय की घोषणा की थी. पुतिन ने टेलीविजन पर दिये अपने बयान में कहा,‘‘ऐसा लगता है कि हमारे अमेरिकी सहयोगियों का मानना है कि स्थिति इतनी बदल गई है कि अमेरिका के पास इस प्रकार के हथियार होने चाहिए.’’ उन्होंने कहा,‘‘हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी? एक बहुत ही सरल: उस मामले में, हम वही करेंगे. ’’

उधर रूस ने अमेरिका के उन दावों को खारिज किया था कि मॉस्को शीत युद्ध के दौरान हुए अहम परमाणु हथियार समझौते का उल्लंघन कर रहा है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा कि आधारहीन आरोप फिर से दोहराए जा रहे हैं. इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा था कि रूस ‘‘इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्स’’ (आईएनएफ) संधि का उल्लंघन कर रहा है.

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अमेरिका के इस रुख के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं पेश किया गया है. ’’ उन्होंने इस संधि को वैश्विक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की आधारशिला बताया. इस बीच क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि तथ्यों को तोड़ा मरोड़ा गया है ताकि संधि से हटने के अमेरिका के वास्तविक लक्ष्यों का पता नहीं चले.