पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर सीमा खोल देने से भारत के साथ कश्मीर का असल मुद्दा ठंडे बस्ते में नहीं जाने वाला है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि यह गलियारा अगले साल गुरु नानक देव की 550वीं जयंती से पहले पूरा हो जाएगा.

प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 नवंबर को पाकिस्तान की तरफ के गलियारे की आधारशिला रखी थी जबकि 26 नवंबर को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पंजाब के गुरदासपुर में इसका शिलान्यास किया.

सिख समुदाय की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए करतारपुर गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरूद्वारे से जोड़ेगा.

फैसल ने कहा कि करतारपुर सीमा खोले जाने के चलते कश्मीर का मुद्दा ठंडे बस्ते में नहीं जाएगा. उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर विवाद के संदर्भ में अगर किसी के भी दिमाग में यह विचार है कि करतारपुर या किसी अन्य कारण से जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान ठंडे बस्ते में चला जाएगा, तो यह गलत ख्याल है.'

फैसल ने कहा, 'करतारपुर गलियारा खोने जाने का फैसला नेक इरादों से और सिख समुदाय को उनके बेहद पवित्र स्थानों में से एक तक जाने में सुविधा देने के लिए लिया गया.' उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर मुद्दे पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.