नई दिल्‍ली : बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में रथयात्रा की इजाजत से इनकार करने के कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट की बेंच में शुक्रवार को अपील दाखिल की. जिसे हाई कोर्ट ने मंजूर कर लिया है. वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आज दोपहर 1 बजे दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई.

BJP President Amit Shah: After the Panchayat elections, Mamata Banerjee is scared of BJP & this is why she has stopped the Rath yatra. In every sector starting from cattle to coal, mafias are working & TMC ministers are supporting them. pic.twitter.com/YFGB7a1dum

— ANI (@ANI) December 7, 2018

BJP President Amit Shah: We will do everything legally and we will conduct three rallies.The rallies have not been cancelled but postponed. Yatra as scheduled will go to every part of West Bengal.I will go to West Bengal tomorrow. pic.twitter.com/SRZ9pNworg

— ANI (@ANI) December 7, 2018

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाह ने कहा कि ममता सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गला घोंटा. सीएम बीजेपी की यात्रा से डरी हुई है. हमने कई बार रथयात्रा के लिए इजाजत मांगी थी. रथयात्रा पर रोक के बावजूद शनिवार को अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे पर जाएंगे.

शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में रोहिंग्या की घुसपैठ को ममता सरकार की पूरी शह है. पंचायत चुनाव के बाद ममता बनर्जी की नींद उड़ी हुई है इसीलिए उन्होंने 'गणतंत्र बचाओ यात्रा' को रोकने का निर्णय किया है.

बीजेपी अध्यक्ष के मुताबिक, बंगाल के अंदर साल साल जिस तरह से तृणमूल का कुशासन चला है. इसके खिलाफ भाजपा ने हर मंडल और जिले में आवाज उठाई है उससे ममता बनर्जी डरी हुई है. अमित शाह का कहना कि अगर यात्रा निकलेगी तो वहां पर बदलाव आएगा, इसी से ममता बेनर्जी डरी हुई हैं, लेकिन हम अपने प्रोग्राम करेंगे.

शाह ने आगे कहा के हम घर-घर जाकर लोगों से  ममता सरकार की हकीकत बताएंगे. उन्होंने कहा कि  कि हम रथयात्रा को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. हमारे कार्यक्रम रद्द नहीं हुए हैं सिर्फ टाले गए हैं. अमित शाह का कहना है कि बंगाल में राजनीतिक हत्याएं हो रही हैं. तृणमूल कांग्रेस के डर के कारण वहां पर प्रत्याशी पर्चा नहीं भर पाते हैं. प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही हैं. उन पर ममता बनर्जी चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?

गौरतलब है कि शुक्रवार को बीजेपी की हाईकोर्ट में दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बी सोमद्दर और जस्टिस ए मुखर्जी की बेंच ने बीजेपी को अपील दाखिल करने की इजाजत देते हुए कहा कि वह मामले में दोपहर 12:30 बजे सुनवाई करेगी. बेंच ने बीजेपी के वकीलों को निर्देश दिया कि सुनवाई के लिए मामला लिए जाने से पहले अपील की कॉपी पश्चिम बंगाल सरकार और अन्य प्रतिवादियों को दी जाए.

पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा को इजाजत न दिए जाने लेकर बीजेपी काफी नाराज है. आज खुद अमित शाह इस बात को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोल सकते हैं और आगे की रणनीति के बारे में बता सकते हैं. बीजेपी का कहना है कि अगर रथ यात्रा की इजाजत नहीं मिली तो वहां पर रैली करेंगे. इससे पहले आज खुद उनके द्वारा पश्चिम बंगाल का दौरा रद्द किए जाने की बात सामने आई थी.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी का तीन रथ यात्राएं निकालने का कार्यक्रम था, जिसमें खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शामिल होने वाले थे. यह रथयात्रा 7 दिसंबर से कूच बिहार से शुरू होने वाली थी और दूसरी रथ यात्रा 9 दिसंबर को 24 परगना, तीसरी 14 दिसंबर को बीरभूम के तारापीठसे निकली जानी थी, लेकिन ममता बनर्जी की सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी. जिससे मामला हाई कोर्ट चला गया और हाई कोर्ट ने इन रथ यात्राओं के निकलने पर रोक लगा दी.

बता दें कि हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने गुरुवार को कहा था कि वह कूचबिहार में बीजेपी की रैली के लिए इस समय इजाजत नहीं दे सकती, जिसे शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को हरी झंडी दिखानी थी. पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका को देखते हुएरथयात्रा को इजाजत देने से मना कर दिया था.

कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि बीजेपी के सभी जिला अध्यक्षों का पक्ष सुनने के बाद पार्टी द्वारा निकाली जाने वाली ‘रथयात्रा’ रैलियों के आयोजन पर उसे 21 दिसंबर तक रिपोर्ट दें. जस्ट‍िस तपब्रत चक्रवर्ती ने 9 जनवरी कोसुनवाई के अगले दिन तक रैली स्थगित करने का निर्देश देते हुए कहा था कि रथयात्रा की इजाजत देने की बीजेपी की अर्जी को इस स्तर पर मंजूर नहीं किया जा सकता.