प्रसिद्ध संत भय्यूजी महाराज की मौत मामले में नया मोड़ आ गया है. भय्यूजी के ट्रस्ट और सेवादारों के अलावा उनके समर्थकों ने भय्यूजी महाराज की मौत के मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के रहनेवाले इन समर्थकों ने इंदौर कलेक्टर और डीआईजीको एक ज्ञापन सौंपा है.

ट्रस्ट के लोगों ने ज्ञापन के ज़रिए भय्यूजी महाराज की मौत के मामले में कई सवाल खड़े किए हैं. भय्यूजी के भक्तों ने ज्ञापन में भय्यूजी महाराज की मौत वाले दिन और उसके पहले और बाद की कुछ घटनाओं के जर‍िए सवाल खड़े किए हैं. ज्ञापन में ये सवाल खड़े किए गए है. 

मौत से 3-4 महीने पहले से भय्यूजी महाराज के गृह क्लेश की खबरें किसने सुनियोजित तरीके से लोकल मीडिया में चलवाई?

दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी से संतान के साथ पिता के संबंधों पर नेगेटिव तरीके से उछाला गया. इसके मकसद की जांच होनी चाह‍िए.

भय्यूजी महाराज अपनी बेटी से बहुत लगाव रखते थे. ऐसे में जब वो घर ही आ रही थी, गाड़ी उसे लेने एयरपोर्ट गई थी तो ठीक उसके पहले गोली क्यों मारी ? बेटी से मिले क्यों नही?

भय्यूजी महाराज जब भी कमरे में अकेले रहते थे तब किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं थी. ऐसे में जब किसी ने गोली चलने की आवाज ही नहीं सुनी तो फिर दरवाजा क्यों तोड़ा गया?

भय्यूजी महाराज अगर मौके पर ही खत्म हो गए थे तो फिर पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई? क्यों उन्हें पहले अस्पताल ले गए और फिर पुलिस को सूचना दी?

मौत के तुरंत बाद सुसाइड नोट किसने वायरल किया? अगले दिन क्यों उसका अगला पन्ना वायरल किया गया?

मौत के बाद हर जगह सिर्फ गृह कलह की बात को क्यों सामने रखा गया?

भय्यूजी महाराज जब भी घर मे रहते थे तब रिवॉल्वर और गोलियां अलग -अलग रखी जाती थीं जिसकी जानकारी भय्यूजी महाराज को नहीं रहती थी. जब बाहर निकलते थे तो सिर्फ 2 गोली डाली जाती थीं. घर में रिवॉल्वर खाली रहता था. 

अगर भय्यूजी  महाराज ने घर में रिवॉल्वर मांगा तो किसने दिया ? रिवॉल्वर खाली रहता था घर में तो उसमें गोली किसने डाली?

ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने ज्ञापन में लिखे हैं. हालांकि इस बारे में जब इंदौर कलेक्टर निशांत वरवड़े से बात की तो उन्होंने बताया कि सीबीआई जांच की अनुशंसा राज्य सरकार द्वारा की जाती है. इसलिए वो इसके बारे में राज्य गृह मंत्रालय को पत्रभेज देंगे और वहीं से इस पर आगे कोई फैसला लिया जाएगा. 

आध्यात्मिक संत भय्यू जी महाराज ने 12 जून  को खुद को गोली मार कर खुदकुशी कर ली थी . उनके कमरे से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ उसमें लिखा था कि वो तनाव में थे. बेहद सक्रिय और चर्चा में रहने वाले भय्यू जी की खुदकुशी पर पूरा देश सन्न रह गया था.

मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा देने का फैसला किया था. हालांकि भय्यू जी ने शिवराज सरकार का ये ऑफर ठुकरा दिया था. लेकिन विपक्ष ने सवाल उठाया था कि चूंकि भय्यू जी कुछ संतों के साथ मिलकर नर्मदा घोटाला रथ यात्रा निकालने वाले थे,इसलिए शिवराज सरकार ने उन्हें राज्य मंत्री पद पर बैठाने का लालच दिया था. मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता मानक अग्रवाल ये कहने से नहीं चूके थे क‍ि भय्यू जी पर शिवराज सरकार का दबाव था, लिहाजा उनके सुसाइड की सीबीआई जांच होनी चाह‍िए.