नई दिल्ली: यूपीएससी परीक्षा के उम्मीदवारों ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के घर के बाहर प्रदर्शन कर सिविल सेवा परीक्षाओं में बैठने का एक मौका और दिए जाने की मांग की. उनका दावा है कि 2011 और 2015 के बीच नियमों में अचानक बदलाव के कारण वे प्रभावित हुए.

एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि गुरुवार मध्यरात्रि के करीब उन्होंने लुटियंस दिल्ली में शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि उनकी संख्या लगभग 52 थी और आवास के बाहर उन्होंने मोमबत्तियां जलाईं. पुलिस ने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन था.

एक प्रदर्शनकारी के मुताबिक आयोग की तरफ से गठित अरूण एस. निगावेकर समिति और यूपीएससी की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 'सीसैट के कारण 2011 से 2014 के बीच क्षेत्रीय भाषाओं और मानविकी पृष्ठभूमि के छात्रों के चयन में गिरावट आई है.' सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र के अंक 2011-14 के दौरान प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की घोषणा के लिए जोड़े जाते थे.

एक प्रदर्शनकारी ने बताया, '2015 में यूपीएससी ने सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्न पत्र को क्वालिफाइंग प्रकृति का कर दिया. परीक्षा के पैटर्न में लगातार बदलाव और सीसैट के भेदभावपूर्ण प्रकृति के कारण इस दौरान हमने परीक्षा में बैठने के कई बहुमूल्य मौके गंवाए. हम सरकार से न्याय की मांग करते हैं. हम नौकरी नहीं मांग रहे हैं बल्कि परीक्षा में बैठने का एक और मौका मांग रहे हैं.'

वर्ष 2011 और 2014 के बीच परीक्षा में बैठने वाले छात्र एक और मौका दिए जाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इन बदलावों के कारण उन्हें नुकसान हुआ.