नई दिल्ली: इस साल पूर्ण बजट पेश होगा या अंतरिम बजट? इस बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा गरम थी. लेकिन अब फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने साफ कर दिया है कि वह अंतरिम बजट पेश करेंगे. अंतरिम बजट को वोट ऑन अकाउंट भी कहते हैं.

जिस साल लोकसभा चुनाव होते हैं उस साल सरकार सिर्फ अपने कामकाजी खर्च के लिए बजट पेश करती है. चुनाव के बाद जब नई सरकार आती है तो पूर्ण बजट पेश करती है. इस सरकार में अरुण जेटली अपना छठा बजट पेश करने वाले हैं.

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने सभी विभागों से उनके कामकाजी खर्चा ब्योरा मांग लिया है. अंतरिम बजट में जेटली उतना ही फंड आवंटित करेंगे जिससे अप्रैल से लेकर जुलाई तक का काम चल जाए. मुमकिन है कि इस साल अप्रैल में लोकसभा चुनाव होंगे. मई के आखिर तक सरकार बन जाएगी. नई सरकार पूर्ण बजट लाएगी जो जुलाई के बाद से लागू होगा. फाइनेंस मिनिस्ट्र ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि वोट ऑन एकाउंट के दौरान किसी भी नई सर्विस या स्कीम पर पैसा खर्च नहीं किया जाएगा. इससे पहले यह खबर आ रही थी कि सरकार 1 फरवरी को पूर्ण बजट ला सकती है.