नई दिल्ली: दिल्ली की लाइफ लाइन, दिल्ली मेट्रो ने यहां की जिंदगी को आसान बना दिया है. दिल्ली-NCR में मेट्रो का जाल बिछा दिया गया है, जिसकी वजह से एक कोने से दूसरा कोना जाना बहुत आसान है. दिल्ली मेट्रो में सफर करने का अनुभव अलग होता है. लेकिन, मेट्रो के भीतर मोबाइल सिग्नल कमजोर होने की वजह से यह सफर बहुत ज्यादा फ्रस्टेटिंग भी हो जाता है. ऐसे में पैसेंजर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए DMRC ने बूस्टर लगाने का फैसला किया है. बूस्टर की मदद से बहुत जल्द मेट्रो के भीतर भी स्ट्रांग सिग्नल मिलेगा.

DMRC (दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन) के PRO (पब्लिक रिलेशन ऑफिसर) अनुज दयाल से फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि इस काम के लिए 300 लोगों को लगाया गया है. ये लोग रात के समय में जब मेट्रो का ऑपरेशन रुक जाता है, तब सिग्नल मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं. सिग्नल का प्रॉब्लम उन स्टॉपेज पर ज्यादा है, जो अंडरग्राउंड हैं. पिंक और मैजेंटा लाइन पर ज्यादातर स्टेशन अंडरग्राउंड हैं. ऐसे जगहों पर बूस्टर लगाए जा रहे हैं.

अनुज दयाल ने कहा कि यह काम फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा. काम बहुत तेजी से जारी है. उन्होंने कहा कि जो स्टेशन ग्राउंड के ऊपर बने हैं, वहां ऐसी कोई समस्या नहीं है. बता दें, पिंक लाइन मेट्रो रूट पर भीकाजी कामा प्लेस से हसरत निजामुद्दीन तक सभी स्टेशन अंडरग्राउंड हैं. वहीं, मैजेंटा लाइन पर कालकाजी से जनकपुरी वेस्ट तक सभी स्टेशन अंडरग्राउंड हैं. इन दो रूट पर नेटवर्क पूरी तरह गायब रहता है.