मुंबईः ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म और ट्रेलर पर बैन लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। याचिकाकर्ता पूजा महाजन ने इस तुरंत सुनवाई की मांग की गई। लेकि्न अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसपर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली जनहित याचिका बुधवार को खारिज कर दी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इस फिल्म ने प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद को बदनाम किया है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूॢत वी के राव की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है और इसमें निजी हित शामिल हैं।

याचिकाकर्ता पूजा महाजन ने आरोप लगाया था कि सिनेमेटोग्राफ कानून के प्रावधानों का दुरुपयोग किया जा रहा है और फिल्म निर्माता ने ट्रेलर जारी कर दिया है, जिससे प्रधानमंत्री पद की छवि को नुकसान पहुंचा है तथा इसकी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हो रही है।

वहीं दूसरी और पंजाब के कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी के पुत्र अनुमीत सिंह सोढी ने याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए बुधवार का दिन तय कर दिया, लेकिन सुनवाई से ठीक पहले इसे वापस ले लिया गया। याचिकाकर्ता के वकील ने यह कदम इस फिल्‍म पर रोक के लिए दायर याचिका को दिल्‍ली हाईकोर्ट द्वारा खरिज किए जाने के कारण उठाया।

फिल्म की बात करे्ं तो यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारु की इसी नाम की पुस्तक पर आधारित है। फिल्म में अनुपम खेर ने सिंह का किरदार निभाया है। यह फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होगी।