नई दिल्ली: आर्मी चीफ बिपिन रावत ने गुरुवार को कहा कि सेना ने चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर बेहतर तरीके से स्थिति को संभाला है और चिंता का कोई कारण नहीं होना चाहिए.

रावत ने अपने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर में स्थिति को और सुधारने की जरूरत है. उन्होंने कहा, हम सख्त और नरम दोनो रवैया अपना रहे हैं.

बिपिन रावत ने कहा, मैंने देखा कि हमारे यहां नेताओं में एकजुटत नहीं है. मुझे लगता है उन्हें एकजुट होना चाहिए. हमारे नेता शक्तिशाली समुदाय है जिन्हें मेनस्ट्रीम मीडिया में सपोर्ट करना चाहिए.

वहीं हुर्रियत के साथ बातचीत पर रावत ने कहा, हमारा रुख साफ है. हुर्रियत को हिंसा का रास्ता छोड़ना होगा और हमारे पड़ोसी देश से मदद लेनी बंद करनी होगी, तभी बातचीत हो सकती है.

इसी के साथ आर्मी चीफ ने कहा सीमापार से 300 आतंकी घुसपैठ के लिए बैठे हैं.

सेना प्रमुख ने कहा, 'अगर दुनिया के देश तालिबान के साथ बातचीत कर रहे हैं और अफगानिस्तान में भारत के हित हैं तो हमे भी इसमें शामिल होना चाहिए.' उन्होंने कहा कि 20 जनवरी को सेना के उत्तरी कमान को नए स्नाइपर राइफल्स मिलेंगे.

वहीं स्थानीय लोगों पर हमले करने के मामले में रावत ने कहा कि हम आग लोगों को जानबूझकर टारगेट नहीं करते. लेकिन हमें पता है कि आतंकवादी सीमापार करने की कोशिश करते हैं. ऐसे में ये समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि कौन आम नागरिक है और कौन आतंकवादी.

रावत ने कहा जम्मू कश्मीर का मामला दो देशों के बीच का मुद्दा है. इसमें तीसरे की दखलअंदाजी के लिए कोई जगह नहीं है.हमारी शर्तें साफ हैं. हिंसा को खत्म कीजिए और आमने सामने आइए, बातचीत शुरू होगी.