नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में यूथ फॉर इक्वेलिटी (Youth for Equality) नाम के एनजीओ ने जनहित याचिका दाखिल की है. यह जनहित याचिका आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण पर संशोधन के खिलाफ दाखिल की गई है.

गौरतलब है कि सरकार सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था लाई है. वहीं जनहित याचिका में कहा गया है कि यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का उल्लंघन करता है. आर्थिक मापदंड आरक्षण का एकमात्र आधार नहीं हो सकता.

A petition filed by Youth for Equality in the Supreme Court challenging The Constitution (103rd Amendment) Bill, 2019 that gives 10 % reservation in jobs and education for the economical weaker section of general category.

— ANI (@ANI) January 10, 2019

आर्थिक तौर पर पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का बिल राज्यसभा में बुधवार को पास हुआ था. इसके पक्ष में कुल 165 वोट पड़े थे. जबकि इस बिल के विरोध में सात सदस्यों ने वोट डाला. यह बिल लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है.