मुम्बई: वरिष्ठ बीजेपी नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री एकनाथ खड़से ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें पता है कि कौन ‘शनि’ है जिसने उनका राजनीतिक करियर बर्बाद कर दिया. खड़से राजधानी दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे जहां उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही. उन्होंने कहा, ‘मैं लोकसभा चुनाव लड़ने का इच्छुक नहीं हूं. रक्षा ताई (खड़से की बहू) ने अच्छा कार्य किया है और वह जनता से सम्पर्क रखने में भी पीछे नहीं हैं. हम उम्मीद करते हैं कि उन्हें टिकट मिलेगा. हालांकि पार्टी जो भी निर्णय करेगी वह हमें स्वीकार्य होगा.’

महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने इस बारे में फैसला नहीं किया है कि विधानसभा चुनाव लड़ना है या नहीं. उन्होंने कहा, ‘हालांकि कई वर्षों तक कार्य करने और चुनाव जीतने के बाद मैं इस बारे में सही समय पर फैसला करूंगा कि चुनाव लड़ना है या नहीं.’

उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि यह शनि कौन है. जब मेरी पार्टी सत्ता में है तब मुझे दरकिनार करने के लिए अब मैं राजनीति से नफरत करने लगा हूं. यदि यह सब करके किसी को खुशी मिलती है तो चुनाव बिल्कुल भी नहीं लड़ूंगा.’

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में कांग्रेस पर रोड़ा अटकाने का आरोप लगाते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि भाजपा संविधान के तहत राम मंदिर के निर्माण के लिये कटिबद्ध है. भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के अधिवेशन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि 1950 से जो विचारधारा लेकर चले थे, उसी दिशा में बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में पार्टी ने रामजन्म भूमि पर मंदिर के निर्माण के संबंध में बात कही थी.

रामलीला मैदान में देशभर से बड़ी संख्या में आए पार्टी नेता, सांसद, विधायक एवं कार्यकर्ताओं के उद्घोष के बीच शाह ने कहा कि भाजपा चाहती है जल्द से जल्द उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो और इसमें कोई दुविधा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम प्रयास कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की जल्द से जल्द सुनवाई हो . लेकिन कांग्रेस इसमें भी रोड़े अटकाने का काम कर रही है.’

शाह ने कहा कि जब गुजरात में चुनाव हो रहे थे, उस समय कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने किसी की ओर से उपस्थित होते हुए, इस मामले पर सुनवाई 2019 के चुनाव के बाद कराने का आग्रह किया था. ऐसे में कांग्रेस अपना रूख स्पष्ट करे. उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आश्वस्त रहे कि संविधान के तहत राम मंदिर के निर्माण के लिये पार्टी कटिबद्ध थी और कटिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि भाजपा देश में मजबूत सरकार चाहती है जबकि विपक्ष मजबूर सरकार चाहता है. उन्होंने दावा किया कि नरेन्द्र मोदी ही देश में मजबूत सरकार दे सकते हैं. राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज के अलावा वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी आदि नेता मौजूद रहे.