दुबई : अंतरराष्ट्रीय संपर्क कार्यक्रम को जारी रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस समय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो दिवसीय दौरे पर हैं. शुक्रवार को उन्होंने दुबई में प्रवासी भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया और उनसे मुलाकात की. विदेश की धरती से राहुल गांधी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करने के साथ ही मोदी सरकार पर करारा हमला बोला.

उन्होंने कहा कि साल 2019 सहिष्णुता का साल है, लेकिन पिछले साढ़े चार साल से भारत में असहिष्णुता का दौर रहा है. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने शुक्रवार को ही दुबई में लेबर कॉलोनी में एकत्रित भारतीय कामगारों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी आगामी आम चुनावों में सत्ता में आती है तो आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देगी.

राहुल गांधी ने कहा, 'जैसे ही हमारी सरकार सत्ता में आएगी, हम आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे.' आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का दो जून 2014 को विभाजन कर दो अलग राज्य बना दिए गए थे. उन्होंने कहा, 'आपने भारत, भारतीय राज्यों और गरीब लोगों की मदद की तथा आपने दुबई शहर बनाने के लिए काम किया जो पूरे विश्व में महान है. मैं आपको तहे दिल से शुक्रिया कहना चाहता हूं.'

संयुक्त अरब अमीरात के विकास की प्रशंसा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आप यहां जो भी बड़ा विकास देखते हो, ऊंची इमारतें, बड़े हवाईअड्डे और मेट्रो, ये सब आपके योगदान के बिना नहीं बनते. उन्होंने कहा, 'आपने इस शहर के विकास के लिए अपना खून-पसीना और समय दिया और आपने सभी भारतीयों को गौरवान्वित किया.'

The crowds have gathered and the anticipation is palpable, Indian workers in Dubai wait eagerly for Congress President @RahulGandhi ahead of his address to the labour colony. #RahulGandhiInUAE pic.twitter.com/4mn95L38Xn

— Congress (@INCIndia) January 11, 2019

कांग्रेस अध्यक्ष ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पिछले साल मार्च में जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं के समूह को दिए बयान को दोहराया. उन्होंने तब कार्यकर्ताओं से कहा था, 'हम आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे. 2019 में सत्ता में आने के बाद यह पहली चीज होगी जो हम करेंगे.'

उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि अगर हम एक साथ खड़े होंगे तो हम भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बात के लिए राजी कर लेंगे कि जो आंध्र प्रदेश के लोगों का बकाया है वो उन्हें दिया जाना चाहिए.'