दुबईः दुबई में हुए फुटबॉल मैच के दौरान एक बेहद निंदनीय घटना घटी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है । दरअसल भारत और  संयुक्त राष्ट्र अरब (UAE) के बीच होने वाले मैच के तुरंत पहले एक शख्स ने भारतीय फुटबॉल टीम के समर्थकों को पक्षियों के बड़े पिंजरे में बंद कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।  बता दें कि गुरुवार को आबूधाबी में हुए एएफसी एशियन कप में UAE ने  2-0 से भारतीय टीम को हरा दिया था।

वायरल वीडियो में देखा जा  सकता है कि एक शख्स हाथ में छड़ी लिए हुए एक पिंजरे के बाहर बैठा है और उसके अंदर कैद लोगों से बात कर रहा है। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उस शख्स ने उन व्यक्तियों से पूछा कि वे खेल में किसे समर्थन देंगे भारत को या  UAE को। जब उन लोगों ने कहा कि वे भारत को समर्थन देंगे इस पर उस शख्स ने कहा कि ये अच्छा नहीं है, वे रहते यहां हैं तो समर्थन भी यहीं की टीम का करना चाहिए। इतना ही नहीं वह बार-बार उन सभी से वही सवाल करता है और वे सब बार-बार जवाब में भारत का नाम लेते हैं।

🔻دولـة الامارات العربية المتحدة
النائب العام للدولة: تم اتخاذ الإجراءات القانونية ضد صاحب فيديو حبس أشخاص من الجنسية الآسيوية داخل قفص طيور ليدفعهم لتشجيع المنتخب الإماراتي وعرضه على النيابة المختصة باعتبار أن هذا المسلك جريمة معاقب عليها قانونا ولايعبر عن قيم التسامح فالإمارات pic.twitter.com/twUlfbsXaQ

— فاطمة الحبسي (@AlhabsiFatma) January 11, 2019

इतना ही नहीं वह उन्हें अपनी छड़ी से मारता है और धमकियां भी देता है। रिपोर्ट के मुताबिक अरब देश में किसी भी नियम का उल्लंघन करने पर 6 या 10 साल की जेल की सजा और 50000 से 2 मिलियन दिरहम तक की फाइन की सजा हो सकती है। UAE के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है, आरोपी के खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया है। उसे हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि ये एक आपराधिक घटना है और इस तरह की चीजें अस्वीकारनीय है।

जब ये वीडियो वायरल हो गया तो वीडियो बनाने वाले ने यूट्यूब पर एक दूसरा वीडियो अपलोड करते हुए कहा कि ये पूरा वीडियो एक स्किट के लिए शूट किया गया था इसमें कोई सच्चाई नहीं है। ये सभी वर्कर्स मेरे हैं और मैं इन्हें 22 सालों से जानता हूं। मैं इनके साथ फैक्ट्री में रहता हूं, हम एक साथ काम करते हैं खाना खाते हैं। मैंने उन्हें नहीं मारा न ही मैंने उसे बंद किया उसने अंत में कहा कि यह सहिष्णुता का साल है। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक शरजाह पुलिस ने वीडियो वायरल होने के बाद शक के आधार पर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है।