नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को लेकर कथित महिला विरोधी टिप्पणी पर खुद का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि अगर रक्षा मंत्री का पद कोई पुरुष भी संभाल रहा होता तो उनकी यही टिप्पणी होती.

राहुल गांधी को रक्षा मंत्री पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में महिला आयोग से पिछले दिनों नोटिस मिला था.

दुबई दौरे पर गए राहुल ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, राफेल मामले में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन की जगह प्रधानमंत्री मोदी को संसद में जवाब देना चाहिए था. अपने बयान के बचाव में उन्होंने कहा, ‘अगर उनकी जगह कोई पुरुष होता तो भी मैं वही टिप्पणी करता. मुझ पर अपनी लैंगिक भेदभाव की मनोवृति मत थोपिए. मैं बिल्कुल स्पष्ट हूं कि प्रधानमंत्री को अपना बचाव रखना चाहिए था लेकिन उनमें साहस नहीं था.’

राहुल ने कहा कि कांग्रेस को अब तक इस बात का जवाब नहीं मिला कि क्या रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के राफेल सौदे को ‘बायपास’ करने पर ऐतराज किया था.

बता दें कि पिछले हफ्ते बुधवार को जयपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने 56 इंच का सीना रखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि वो राफेल मुद्दे पर संसद में चर्चा से ‘भाग गए’ थे.

कांग्रेस अध्यक्ष ने जयपुर में किसान रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘56 इंच का सीना रखने वाला चौकीदार भाग गया और एक महिला सीतारमन जी से कहा कि मेरा बचाव कीजिए. मैं अपना बचाव नहीं कर सकता, मेरा बचाव कीजिए.'

राहुल की इस टिप्पणी पर पीएम मोदी ने कहा था कि अब विपक्ष एक महिला का अपमान करने पर उतारू हो गया है. उन्होंने कहा, ‘यह देश की महिलाओं का अपमान है.’ उन्होंने कहा कि सीतारमन ने राफेल सौदे पर जोरदार तरीके से जवाब दिया है.

बीजेपी अध्यक्ष अमित ने भी राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की थी. उन्होंने ट्वीट कर कहा था, 'संसद में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन के शानदार भाषण ने विपक्ष का मुंह बंद कर दिया. उनके तथ्यों को काट नहीं सकें तो अब वे महिला विरोधी बयान दे रहे हैं. भारत की नारी शक्ति से उन्हें माफी मांगनी चाहिए.'

राहुल गांधी के इस बयान की कई नेताओं ने भी आलोचना की थी. दिल्ली महिला आयोग स्वाती मालीवाल और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा ने भी राहुल के इस बयान की आलोचना की थी.