छत्तीसगढ़ में आगामी 30 जनवरी को सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा प्रभावित रहेगी. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 30 जनवरी को बंद का ऐलान किया है. 30 जनवरी को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रदेश के सभी अस्पतालों में ओपीडी सुविधा बंद रखने का ऐलान किया गया है. दुर्ग में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर से मारपीट के आरोप में आईएमए ने शिकायत की है और बंद का ऐलान किया है.

बता दें कि हाल ही में दुर्ग जिले में संचालित एक निजी अस्पताल में मरीज के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया था. आईएमए की शिकायत है कि परिजनों ने डॉक्टर से मारपीट के बाद हॉस्पिटल में तोड़फोड़ की थी. आरोपी परिजानों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई, लेकिन कुछ समय में ही उनको जमानत मिल गई. इसके विरोध में अस्पतालों में छह घंटे के लिए ओपीडी सुविधा बंद रखने का ऐलान किया गया है.

आईएमए अध्यक्ष डॉ. महेश सिन्हा के नेतृत्व में एक दल ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है. हालांकि आईएमए के पदाधिकारियों की मानें तो आंदोलन के दौरान अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी. आईएमए ने राज्य की सभी स्थानीय शाखाओं को निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है. स्थानीय शाखाओं के पदाधिकारी भी ज्ञापन देंगे.