भोपाल: मप्र की कमलनाथ सरकार ने छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को राहत देते हुए बड़ा फैसला किया है। सरकार गुमाश्ता कानून के तहत लाइसेंस नवीनीकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है, अब लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए व्यापारियों और दुकानदारों को दफ्तरों के चक्कर लगाने छुटकारा मिलेगा। श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने इस सम्बन्ध में आज बुधवार को प्रेस वार्ता कर इस फैसले के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को राहत देने के लिए गुमाश्ता कानून के तहत रिन्यूवल सिस्टम को ख़त्म कर दिया है और वन टाइम लाइसेंस की व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया गया है| इस फैसले से करीब दस लाख व्यापारियों को लाभ मिलेगा।

मंत्री सिसोदिया ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा है कि हर वर्ग कैसे लाभ दिया जाए। इसी के तहत प्रदेश में छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के हित में 'इस ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' के तहत गुमास्ता कानून में नवीनीकरण की अनिवार्यता को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब मध्यप्रदेश में दुकान और स्थापना अधिनियम 1958 के प्रावधानों के तहत छोटे दुकानदारों स्थापनाओं एवं स्टार्टअप को बार-बार दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराना होगा। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा गुमास्ता लाइसेंस के लिए नवीनीकरण की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि इस निर्णय से मध्य प्रदेश में लगभग 10 लाख से अधिक छोटे दुकानदार स्थापनाओं, व्यवसायी और स्टार्टअप लाभान्वित होंगे । नई व्यवस्था के अनुसार दुकानदारों को पूरे व्यवसाय अवधि में एक बार ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। दुकान और स्थापनाओं को पंजीयन कराने कराने के बाद भविष्य में व्यवसाय के स्वरूप में परिवर्तन होने पर ही अपने पंजीयन में संशोधन कराना होगा। पंजीयन की विभिन्न श्रेणियों को खत्म कर मात्र दो श्रेणियों तक ही सीमित किया गया है| लम्बे समय से यह मांग चली आ रही थी, श्रम विभाग के इस निर्णय से व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।