नई दिल्ली: कुम्भ मेले के तीसरे और अंतिम शाही स्नान के दौरान बसंत पंचमी पर रविवार को रात्रि 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक करीब एक करोड़ लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई. इस दौरान साधु-संतों और श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई.

ज्योतिषियों के अनुसार, बसंत पंचमी स्नान का मुहूर्त शनिवार सुबह 8 बज कर 55 मिनट से रविवार सुबह 10 बजे तक था. इसे देखते हुए स्नानार्थियों का रेला शनिवार से ही कुम्भ मेले की ओर आ रहा है और लोग शनिवार से ही स्नान कर रहे हैं. कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि रविवार को रात्रि 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक करीब एक करोड़ लोग गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं. स्नानार्थियों का आना अब भी जारी है.

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार को सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक करीब 93 लाख लोग कुम्भ मेले में आए. इस तरह से शनिवार और रविवार के आंकड़े जोड़ दें तो करीब दो करोड़ लोग कुम्भ मेले में गंगा और संगम में डुबकी लगा चुके हैं. शहर में वाहनों का यातायात शनिवार रात से ही बंद होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड से पैदल ही मेले में आना पड़ा. हालांकि गंगा में डुबकी लगाने की इच्छा और उत्साह ने थकावट को मात दे दी.

लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मेला क्षेत्र में हर ओर श्रद्धालु ही नजर आ रहे हैं. भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवानों की मदद के लिये आरपीएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, और आईटीबी समेत अर्ध सैनिक बलों की टुकड़ियां मुस्तैदी के साथ अपने काम को अंजाम देने में जुटी हैं.

कुम्भ के तीसरे शाही स्नान पर्व की शुरूआत परम्परा के मुताबिक श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा ने की. इसके साथ श्री पंचायती अटल अखाड़ा ने भी संगम में डुबकी लगायी. भोर 5 बज कर 35 मिनट पर पहला शाही स्नान महानिर्वाणी अखाड़ा ने किया. उसके साथ अटल अखाड़ा भी था. बाद में सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तपोनिधि श्री पंचायती आनन्द अखाड़ा ने शाही स्नान किया. आठ बजे श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा ने एक साथ शाही स्नान किया.

इसके बाद बैरागी अखाड़ों के शाही स्नान का क्रम शुरु हुआ. इसमें सबसे पहले अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा, उसके बाद अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा और अखिल भारतीय पंच निर्मोही अनी अखाड़ा ने शाही स्नान किया. आठ किलोमीटर के दायरे में स्नान के लिए 40 घाट बनाए गए हैं जिससे श्रद्धालुओं को स्नान में कोई असुविधा न हो.

सुरक्षा की दृष्टि से मेला क्षेत्र में करीब 400 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं जबकि 96 फायर वाच टावर में तैनात जवान भीड़ को नियंत्रित करने के साथ साथ अवांछनीय तत्वों पर पैनी नजर बनाये हुए हैं. मेला क्षेत्र को 10 जोन में बांट कर सुरक्षा बलों की 37 कंपनियां तैनात की गयी हैं. अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये 10 कंपनी एनडीआरएफ की तैनाती भी की गयी है.