श्रीनगरः जम्मू कश्मीर के उरी में सुरक्षाबलों के जवानों सेना कैंप पर आतंकी हमले की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. बीती रात उरी के राजारवानी में सेना की आर्टिलरी यूनिट (19 डिवीजन) पर तैनात संतरी ने संदिग्ध हरकत दिखने पर तुरंत फायरिंग कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई है.

J&K: Visuals from Rajarwani, Uri where suspicious movement was detected around camp of Army Artillery unit last night following which a security personnel opened fire. Area cordoned off&is being searched by Police&Army. 2 ppl being examined.(Visuals deferred by unspecified time) pic.twitter.com/S9oEgVnawZ

— ANI (@ANI) February 11, 2019

इसके बाद आतंकियों की खोज के लिए से पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया. ऐसा बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ में कुछ आतंकी मारे गए है. हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी का शव नहीं मिला है. पुलिस और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है. ज्वाइंट टीमों द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है. इसके साथ ही यह भी सूचना है कि इलाके के नल्लाह के पास दो लोगों को पकड़ा गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है.

10 फरवरी को जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकवादी मारे गये थे. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने रविवार की सुबह जिले के कल्लेम गांव में सुरक्षाबलों के तलाशी दल पर गोलियां चलाई जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में पांच आतंकवादी मारे गए और मौके से हथियार एवं युद्ध संबंधी सामग्री बरामद की गईं.पुलिस अधिकारी ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की पहचान वसीम अहमद राथर, अकीब नजीर मीर, परवेज अहमद भट, इद्रिस अहमद भट और जाहिद अहमद पार्रे के तौर पर हुई है.

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया, “पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह हिजबुल मुजाहिदीन एवं लश्कर-ए-तैयबा और उनके आतंकवादियों का समूह था. सही-सही संबद्धता के बारे में पता लगाया जा रहा है. वे सुरक्षा संस्थापनों पर हमला करने एवं आम लोगों पर अत्याचार करने समेत आतंकवाद के कई अपराधों में संलिप्तता के लिए वांछित थे.” उन्होंने बताया कि वसीम, अकीब और परवेज एक आम नागरिक मोहम्मद इकबाल कावा और सेना के एक जवान मुख्तार अहमद की हत्या में शामिल थे. प्रवक्ता ने बताया कि आतंकवादियों का यह समूह अनंतनाग एवं कुलगाम जिले में हथगोलों से किए गए कई हमलों में भी शामिल था.