समय के साथ साथ जिस तरह आधुनिकता का प्रभाव का हमारे जीवन पर बढ़ा है हमारे रहन-सहन और खाने पीने के तौर तरीके पहले से काफी बदल गए है। हमारे रसोईघरों में भी इसी तरह कई बदलाव हुए है जैसे जहाँ पहले लोग चूल्हे और मिट्टी के बर्तन का प्रयोग करा करते थे अब उनकी जगह गैस चूल्हों, फ्रिज और ओवन ने ले लिया है।

आज के समय में रोटी बनाने के लिए हर कोई लोहे या नॉन स्टिक तवे का ही इस्तेमाल करता है। आधुनिक जीवनशैली के चलते मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल चलन से बाहर ही होता जा रहा है, लेकिन पुराने समय में इसका बेहद महत्व था और लोग मिट्टी के बर्तन में ही बना खाना खाते थे।
लेकिन अब बाजार में दोबारा मिट्टी के बर्तन चलन में आ गए है । आज हम आपको ये बता रहे हैं कि अगर आप मिट्टी के बर्तनों में खाना खाने के बेमिसाल फायदे।

मिट्टी के बरतनों में नमी और हीट रहती हैं बरकरार
मिट्टी के बरतनों में पकाया गया भोजन अन्य किसी मेटल के बरतन के पकाए गए भोजन की तुलना में अधिक स्वादिष्ट होता है क्योंकि मिट्टी के बरतनों में नमी और हीट बरकरार रहती है। इसलिए खाना सही तरीके से पकता है साथ ही इसमें मिट्टी का स्वाद और सुगंध मिलती है तो यह खाने के फ्लेवर को और बेहतर कर देती है।

मिनरल्स और विटामिन्स
मिट्टी के बरतनों में खाना पकाने से आपका भोजन अधिक पौष्टिक होता है क्योंकि यह आपके भोजन में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, सल्फर जैसे मिनरल्स और विटामिन्स को शामिल करता है

खाने का रहता है पोषण बरकरार
मिट्टी के बरतनों में खाना धीरे-धीरे पकता है जिससे खाने का पोषण बरकरार रहता है। जबकि अन्य किसी धातु के बरतन में खाना पकाते वक्त खाने का पोषण कम हो जाता है

खाने को दोबारा गर्म करने की जरुरत नहीं होती
जब आप खाने को गर्म करते हैं तो खाने से पोषक तत्व कम हो जाते हैं और वह भोजन आपके लिए फायदेमंद नहीं होता। यहां तक कि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जिन्हें दोबारा गर्म करने पर वो हानिकारक हो जाते हैं। मिट्टी के बरतन में खाना पकाने से यह अधिक देर तक गर्म रहता है क्योंकि इसका तापमान लंबे समय तक बरकरार रहता है और खाने को दोबारा गर्म करने की जरुरत नहीं पड़ती।