ग्वालियरः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक आज से ग्वालियर में शुरू हो रही है. इस बैठक में देश भर से 1,400 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. बैठक में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक, राम मंदिर और आगामी लोकसभा चुनाव जैसे मसलों पर भी चर्चा हो सकती है. साथ ही सबरी माला देव स्थान को लेकर भी चर्चा हो सकती है.

Madhya Pradesh: 3-day annual meeting of RSS's Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha will begin in Gwalior, today.Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha is the highest decision making body in Rashtriya Swayamsevak Sangh.Nearly, 1400 RSS workers are expected to participate in the annual meet. pic.twitter.com/IbnjCPkIau

— ANI (@ANI) March 8, 2019

संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार, अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर एवं मध्य क्षेत्र के प्रचार प्रमुख नरेंद्र जैन ने बताया कि इस बैठक में देश के वर्तमान राष्ट्रीय, सामाजिक एवं धार्मिक परिदृश्य पर चितन होगा और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे. इस तीन दिवसीय बैठक में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 1,400 से अधिक प्रतिनिधि एवं प्रमुख कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं.

#Visuals: 3-day annual meeting of Rashtriya Swayamsevak Sangh's Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha begins in Gwalior, Madhya Pradesh. pic.twitter.com/rIaaJxFNqS

— ANI (@ANI) March 8, 2019

पाकिस्तान पर हाल में भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्टाइक को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में संघ पदाधिकारियों ने कहा, "देश में आतंकी घटनाओं, सेना की ओर से की गई एयर स्ट्राइक, राम मंदिर और लोकसभा चुनाव से जुड़े मसलों पर बैठक के समापन अवसर पर सरकार्यवाह भैयाजी जोशी विस्तृत रूप से विचार रखेंगे."

अरुण कुमार के अनुसार, "इस बैठक में संपूर्ण देश में संगठन से 11 क्षेत्र एवं 43 प्रांतों की कार्यकारिणी सहित देशभर के चयनित प्रतिनिधि, विभाग प्रचारक एवं विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले समविचारी संगठनों के केंद्रीय प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं. बैठक 10 मार्च तक चलेगी.

अरुण कुमार ने बताया, "सरसंघचालक मोहन भागवत के मार्गदर्शन एवं सरकार्यवाह भय्याजी जोशी द्वारा संचालित इस बैठक में संघ शिक्षा वर्गो व प्रशिक्षणों सहित विभिन्न कार्यो के लिए केंद्रीय अधिकारियों के वर्षभर के प्रवास कार्यक्रम भी तैयार किए जाएंगे."

उन्होंने बताया, "यह बैठक हर वर्ष प्रतिपदा से पूर्व आयोजित की जाती है. संघ कार्य के संबंध में निर्णय लेने वाली इस सर्वोच्च संस्था की बैठक में कार्य विस्तार, गत वर्ष के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, कार्य दृढ़ीकरण एवं आगामी वर्ष के कार्यक्रमों के संबंध में विस्तार से चर्चा की जाती है."

ज्ञात हो कि संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित अन्य पदाधिकारी तीन मार्च को ही ग्वालियर पहुंच चुके हैं और वे विभिन्न स्तर की समितियों के साथ बैठकें कर रहे हैं. संघ की इस साल की प्रतिनिधि सभा की बैठक को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अभी हाल ही में भारत की वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के शिविर पर एयर स्ट्राइक की है और लोकसभा चुनाव भी इसी साल होने वाले हैं.