अहमदाबाद: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि देश में चारो तरफ नफरत फैलाई जा रही है जिसका सभी को मिलकर मुकाबला करना है।  उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की लगातार कोशिश की जाएगी, लेकिन वे रोजगार, किसानों और महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर सवाल पूछते रहें। जहां राहुल गांधी राफेल पर सरकार पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं वहीं प्रिंयका गांधी ने अपने पहले 7 मिनट के भाषण में राफेल से किनारा किया।

प्रियंका ने यहां कांग्रेस की जनसभा में कहा, ‘‘ मुझे मालूम था कि आज बैठक है, लेकिन मन में सोचा था कि भाषण नहीं देना पड़े। मैं भाषण नहीं दे रही, बल्कि अपने दिल की बात कर रही हूं। पहली बार गुजरात आई हूं और पहली बार उस साबरमती आश्रम गई जहां से महात्मा गांधी ने आजादी के लिए संघर्ष की शुरुआत की थी। वहां बैठकर लगा कि आंखों से आंसू आ जाएंगे। उन लोगों की याद आई जिन्होंने देश के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ यह देश प्रेम, सछ्वाव और आपसी प्यार के आधार पर बना है। आज जो कुछ देश में हो रहा है उससे दुख होता है।’’ कांग्रेस महासचिव ने लोगों का आह्वान किया, ‘‘आपका वोट एक हथियार है। लेकिन एक ऐसा हथियार है जिससे किसी को चोट नहीं पहुचानी है, किसी का नुकसान नहीं करना है। यह हथियार आपको ताकत देता है। फिजूल के मुद्दे नहीं उठने चाहिए। मुद्दे ये उठने चाहिए कि आप कैसे आगे बढ़ेंगे, रोजगार कैसे मिलेगा, महिलाओं को सुरक्षा कैसे मिलेगा।

प्रियंका ने नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ आपके सामने जो बड़ी बड़ी बातें करते हैं उनसे पूछिए कि दो करोड़ रोजगार का क्या हुआ? 15 लाख रुपये का क्या हुआ? महिलाओं की सुरक्षा का क्या हुआ है?’’ प्रियंका ने कहा, ‘‘ आपकी जागरुकता ही आपको बनाएगी। आपकी देशभक्ति इसी में प्रकट होनी चाहिए। आवाज यहीं से उठने चाहिए। आप उन्हें बताइए कि इस देश की फितरत क्या है? इस देश की फितरत है कि नफरत की हवाओं को प्रेम एवं करुणा में बदलेगी।’’  उन्होंने कहा, ‘‘ आने वाले दिनों में सही निर्णय लीजिए। सही सवाल करिए। यह देश आपने बनाया है। यह (चुनाव) आजादी की लड़ाई से कम नहीं है। संस्थाएं नष्ट की जा रही है। जहां देखिए वहां नफरत फैलाई जा रही है। हम मिलकर काम करें और एकजुट होकर आगे बढ़ें।’’