इथोपियन एयरलाइंस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मद्देनजर भारत ने मंगलवार रात बोइंग 737 मैक्स 8 विमान को तुरंत प्रतिबंधित कर दिया। भारत में इस बैन का सीधा असर स्पाइस जेट और जेट एयरवेज पर पड़ा है। स्पाइस के पास ऐसे करीब 12, जबकि जेट एयरवेज के पास पांच विमान हैं। इस बैन का असर फ्लाइट्स पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्पाइसजेट ने बयान जारी कर यात्रियों को विश्वास दिलाया है कि वह यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने की हरसंभव कोशिश करेगी।

और बढ़ सकता है किराया
भारत में एविएशन कंपनियां इस समय अलग-अलग संकट से गुजर रही हैं और कई विमान उड़ान नहीं भर रहे हैं। तत्काल हवाई यात्रा का किराया सामान्य दिनों से काफी ज्यादा है। अब आशंका जताई जा रही है कि बोइंग 737 मैक्स 8 पर बैन से इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है।

जेट के पहले से 54 विमान बाहर
जेट एयरवेज के 119 विमानों के बेड़े में से 54 अभी ऑपरेशन से बाहर हैं। जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने अबू-धाबी की विमान कंपनी एतिहाद से जेट के निर्बाध संचालन के लिए 750 करोड़ रुपये की मांग की है। एतिहाद की जेट के साथ पार्टनरशिप है।

इंडिगो और गो एयर में भी संकट
इंडिगो अभी पायलटों की कमी से जूझ रहा है, इसलिए कंपनी ने अभी से अप्रैल महीने की शुरुआती कुछ दिनों तक रोजाना 30 उड़ानें रद्द करने का ऐलान कर दिया है। गो एयर भी अपने कुछ प्लेन्स नहीं उड़ा रही है।

विमानन मंत्री सुरेश प्रभु लेंगे बैठक
कुल मिलाकर, हालत यह है कि नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु को भी किराया वृद्धि का डर सताने लगा है। यही वजह है कि उन्होंने मंगलवार रात को ट्वीट कर बताया कि वह आपातकालीन बैठक करने जा रहे हैं। उन्होंने लिखा, '(एविएशन) सेक्रटरी (पीएस खोसला) को सभी एयरलाइंस के साथ इमर्जेंसी मीटिंग बुलाने का निर्देश दिया है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा की स्थिति टालने के लिए तात्कालिक योजना तैयार की जा सके। यात्रियों की सुरक्षा पर किसी तरह की ढिलाई दिए बिना उनके आवागमन पर कम-से-कम असर पड़े, इसकी व्यवस्था की जा रही है।'