ब्रसेल्स: ब्रिटेन की संसद ने मंगलवार देर रात प्रधानमंत्री टेरेसा मे के ब्रेक्जिट करार को खारिज कर दिया. इससे ऐसी संभावना बन रही है कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बिना किसी करार के ही अलग होगा. वहीं, यूरोपीय संघ ने मंगलवार को चेतावनी दी कि वह इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता.

यूरोपीय संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस परिणाम पर खेद जताया और कहा कि वे जिद पर अड़े सांसदों का वोट जीतने में टेरेसा मे की आगे कोई मदद नहीं कर पाएंगे.

अगर ब्रिटेन की संसद यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते को मंजूर करनेमें विफल रहती है और यूरोपीय संघ इस पर अधिक समय देने के लिए तैयार नहीं होता है तो ब्रिटेन 29 मार्च को यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के बाहर हो जाएगा. हालांकि, यूरोपीय संघ का कहना है कि वह ब्रिटेन को और समय देने पर विचार कर सकता है.

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क के प्रवक्ता ने बताया कि टस्क को इस परिणाम पर खेद है लेकिन ब्रसेल्स की तरफ से उन्होंने चेताया है कि इससे ज्यादा कुछ कर पाना मुश्किल होगा. वहीं, यूरोपीय संघ की प्रमुख ब्रेक्जिट वार्ताकार मिशेल बार्नियर ने यही बात दोहराते हुए कहा कि ब्रसेल्स इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता.

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लाउड जंकर की प्रवक्ता ने उनके हवाले से कहा कि अब इसका हल लंदन में ही निकलेगा क्योंकि यूरोपीय संघ इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकता है. यूरोपीय संघ के राजदूतों की बैठक बुधवार की सुबह में ब्रसेल्स में होगी.