लखनऊः प्रियंका गांधी वाड्रा के भरोसे यूपी में लोकसभा चुनाव 2019 जीतने की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पार्टी ने बड़ा प्लान तैयार किया है. यूपी में अकेले चुनाव लड़ने के फैसले के बाद अब प्रियंका गांधी वाड्रा चुनावी प्रचार भी तेज होने वाला है. सूत्रों की माने तो कांग्रेस पार्टी की तरफ से पूर्वी यूपी की प्रभारी बनाई गईं प्रियंका गांधी वाड्रा गुरुवार (15 मार्च) को लखनऊ जाएंगी. जहां दिनभर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पार्टी के घोषित उम्मीदवारों के साथ मीटिंग करेंगी. इसके बाद प्रियंका 17 मार्च को प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा नदी के रास्ते स्टीमर से जा सकती हैं.

प्रियंका गांधी वाड्रा प्रयागराज से विंध्याचल मिर्जापुर होते हुए काशी विश्वनाथ की धरती पर पहुंचेंगी. ऐसी भी खबर है कि प्रियंका मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी धाम और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन भी करेंगीं. गंगा के रास्ते प्रयागराज से वाराणसी तक जाकर प्रियंका केंद्र की मोदी सरकार के गंगा सफाई अभियान की पोल खोलना चाहती हैं और साथ ही उनका टारगेट तकरीबन 100 किलोमीटर के इस रास्ते में आधे दर्जन से ज्यादा संसदीय क्षेत्र कवर करना भी है. प्रियंका के कार्यक्रम को देखते हुए ऐसा कहा जा सकता है कि 17 मार्च को ही प्रियंका गांधी वाड्रा पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में एंट्री करेंगी. सूत्रों की मानें तो वाराणसी में प्रियंका के रोड शो और रैली की भी तैयारी की जा रही है.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार (13 मार्च) को यहां भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद से अस्पताल में मुलाकात की .एक दिन पहले ही आजाद को इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था और प्रियंका उनका हालचाल जानने आयीं थीं . प्रियंका बुधवार शाम अचानक मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर से मिलने पहुंचीं. उनके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे.

इस दौरान मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी ने इतना ही कहा,‘‘चंद्रशेखर से मिलने के लिये अस्पताल आने में कोई राजनीति नहीं है. मैं इस लड़के से मिलने आई हूं, क्योंकि चन्द्रशेखर का संघर्ष मुझे पसंद आया. उसने अपने लोगों के लिए संघर्ष किया है.

जब संवाददाताओं ने इस मुलाकात के राजनीतिक मायने को लेकर सवाल किया तो प्रियंका बोलीं, 'आप इसका राजनीतिकरण करना चाहते हैं तो कीजिए ... :मैं सिर्फ हाल जानने आयी थी .' कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की भीम आर्मी के प्रमुख से मुलाकात को उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलके में बसपा सुप्रीमो मायावती पर ‘‘दबाव ’’ बनाने के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि एक दिन पहले ही मायावती ने चुनावी गठबंधन को लेकर कांग्रेस के लिए बसपा के दरवाजे बंद कर दिये थे.

प्रियंका करीब आधा घंटा तक अस्पताल में रहीं. मुलाकात के मायने पूछने पर चंद्रशेखर ने भी कहा, 'मैं सियासी व्यक्ति नहीं हूं . मैं बहुजन समाज के लिए लड़ता हूं . वह :प्रियंका: कोई राजनीतिक बात करने नहीं आयी थीं . ना कुछ पूछ रहीं थीं .'

उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा उनकी तबियत पूछने आई थीं. इससे ज्यादा और कुछ नहीं. चन्द्रशेखर ने कहा, ‘‘मैं बहुजन समाज के साथ हूं.’’ प्रियंका के दौरे के दौरान अस्पताल में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे . उल्लेखनीय है कि आसन्न चुनावी समर में गैर भाजपाई दलों की यही कोशिश है कि उत्तर प्रदेश में बसपा, सपा और कांग्रेस एक साथ मिलकर चुनाव लड़ें ताकि भगवा पार्टी को सत्ता पर पुन: कब्जा जमाने से रोका जा सके. गौरतलब है कि सपा-बसपा ने कांग्रेस को राज्य में लोकसभा की सिर्फ दो सीटें देने की पेशकश की थी.

गौरतलब है कि मंगलवार को चंद्रशेखर की तबीयत उस समय खराब हो गई जब वह सहारनपुर से दिल्ली के लिए ‘बहुजन सुरक्षा अधिकार यात्रा’ निकाल रहे थे. यात्रा जब देवबंद पहुंची तब अनुमति नहीं मिलने के कारण पुलिस ने यात्रा रोक दी और चंद्रशेखर को हिरासत में ले लिया था. पुलिस की कार्रवाई से नाराज उनके समर्थकों ने राजमार्ग पर हंगामा शुरू कर दिया. गुस्साई भीड़ की अधिकारियों के साथ नोकझोंक हुई. हंगामे के बीच अचानक चंद्रशेखर की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें मेरठ लाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया.