बेंगलुरू: आईटी दिग्गज और विप्रो के अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने विप्रो लिमिटेड की 34 प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 52,750 करोड़ रुपये (7.5 अरब डॉलर) बाजार मूल्य के शेयर परोपकार कार्य के लिए दान में दे दिए. फाउंडेशन ने अपने बयान में कहा, "अजीम प्रेमजी ने अपनी निजी संपत्तियों का अधिक से अधिक त्याग कर और धर्माथ कार्य के लिए उसे दान देकर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है, जिससे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के परोपकार कार्यो को सहयोग मिलेगा."

बयान के अनुसार, इस पहल से, प्रेमजी द्वारा परोपकार कार्य के लिए दान की गई कुल रकम 145,000 करोड़ रुपये (21 अरब डॉलर) हो गई है, जोकि विप्रो लिमिटेड के आर्थिक स्वामित्व का 67 प्रतिशत है. वर्तमान में विप्रो में उनकी हिस्सेदारी करीब 74.3 फीसदी है.

अजीम प्रेमजी शिक्षा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा वे कई NGO को भी आर्थिक मदद देते हैं. ये वे संस्था है जो बड़े मकसद के लिए सालों से काम करते आ रहे हैं और आगे काम करते रहने की जरूरत है. सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रचार के लिए वे की राज्यों की सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

अजीम प्रेमजी की संस्था वर्तमान में शिक्षा के क्षेत्र में कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पुड्डुचेरी, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है. उनका मानना है कि सही शिक्षा मिलने से कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है. अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने बेंगलुरू में अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी भी खोला है. उनकी तरफ से बयान जारी करते हुए कहा गया कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन अगले कुछ  सालों में नॉर्थ ईस्ट भारत में दूसरी यूनिवर्सिटी खोलेगी.