केशव पटेल ने खूब पत्रकारिता करी। ई-टीवी से लेके जी-टीवी तलक ओर राज एक्सप्रेस से लेके प्रदेश टुडे तक। बाकी भाई मियां भोत जादा प्रजेंटेबिल हेंगे। अंग्रेजी पे भी हाथ तंग नहीं हेगा। बोलने और समझाइश का अंदाज भी किसी घिसे हुए मास्टर की तरह रखते हैं। लिहाजा इन्ने एक्टिव जर्नलिज्म से किनारा किया। केशव अब माखन लाल यूनिवर्सिटी के मॉसकॉम डिपार्टमेंट में पत्रकारों की नई पौध को पढ़ाते हैं। मुस्तकबिल के पत्रकारों को ये बताते हैं कि मीडिया में क्या-क्या बदलाव आ चुके हैं। इनका यहां आज जिक्र इस लिए के अगले महीने मलेशिया में मुनक्किद हो रही एक आलमी मीडिया कॉन्फें्रस में अपना पर्चा पढ़ेंगे। इन्होंने इंटेलीजेंस एंड ह्यूमन राइट्स इन द एरा आॅफ ग्लोबल टेरेरिज्म पर रिसर्च की है। मलेशिय में इस कान्फे्रंस को दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और मलेशिया की यूनिवर्सिटयां मिल कर कर ही हैं। इस मौके पे केशव की नई किताब इम्प्लीकेशन एंड इंमपेक्ट आॅफ न्यू मीडिया का इजरा भी होगा। पत्रकारिता पे ये इनकी दूसरी किताब है। पहली किताब अमेजन पे बेस्ट सेलर रह चुकी है। भोत मुबारक हो मियां, बढ़े चलो।