नई दिल्‍ली: न्यूजीलैंड में क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में शुक्रवार को हुई गोलीबारी के बाद भारतीय मूल के नौ लोगों के लापता होने की खबर है. शुक्रवार को हुए इस आतंकी हमले में 49 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना के बाद अधिकारियों ने एक व्यक्ति पर आरोप लगाया है और तीन अन्य को हिरासत में ले लिया गया. एक विस्फोटक का समय रहते पता लगा लिया गया.

गोलीबारी करने वाले व्‍यक्ति को पकड़ लिया गया है. उसका नाम ब्रेंटन हैरिसन है. उसे कोर्ट में पेश किया गया. उसपर हत्‍या का चार्ज लगाया गया है. उसे पांच अप्रैल तक हिरासत में भेज दिया गया है. अब पांच अप्रैल को न्‍यूजीलैंड के हाईकोर्ट में उसकी पेशी होगी.

वहीं घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड की अपनी समकक्ष को पत्र लिखकर क्राइस्टचर्च में इबादत के स्थान पर गोलीबारी में निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना एवं दुख प्रकट किया है. प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि विविधतापूर्ण एवं लोकतांत्रिक समाज में हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं है.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस कठिन घड़ी में न्यूजीलैंड के मित्रवत लोगों के प्रति पूरी एकजुटता व्यक्त की. प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत आतंकवाद के हर स्वरूप और ऐसे कार्यों का समर्थन देने वालों की कड़ी निंदा करता है. शुक्रवार देर रात विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘‘हम क्राइस्टचर्च में धर्मस्थलों पर हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं. हमारी संवेदनाएं प्रियजनों को खोने वालों के साथ हैं. हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं.’’उन्होंने लिखा है, किसी भी भारतीय को यदि जरूरत पड़े तो वह न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायोग से 021803899 और 021850033 पर संपर्क कर सकता है.

न्‍यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे ‘‘हिंसा की एक असाधारण और अभूतपूर्व घटना’’ बताते हुए स्वीकार किया कि इसमें प्रभावित लोग या तो प्रवासी हैं या फिर शरणार्थी हैं. मृतकों की संख्या बताते हुये उन्होंने कहा कि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि इसे अब केवल आतंकवादी हमला ही करार दिया जा सकता है. हम जितना जानते हैं, ऐसा लगता है कि यह पूर्व नियोजित था.

पुलिस ने गोलीबारी के बाद तीन पुरूषों और एक महिला को हिरासत में ले लिया. इनमें से एक व्यक्ति पर बाद में हत्याओं का आरोप लगाया गया. इस घटना से देश की 50 लाख की आबादी में शोक की लहर है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घटना में और हमलावर शामिल हो सकते हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तर को दूसरे सर्वोच्च स्तर तक ले जाया गया है.

जिसने गोलीबारी की जिम्मेदारी ली है उसने शरणार्थी विरोधी 74 पृष्ठों का एक दस्तावेज छोड़ा है जिसमें उसने व्याख्या करते हुए कहा है कि वह कौन है और इस हमले की वजह क्या है. उसने कहा कि वह एक 28 साल का श्वेत आस्ट्रेलियाई है और नस्लवादी है. आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए चार लोगों में से एक आस्ट्रेलिया में जन्मा नागरिक है. पुलिस आयुक्त माइक बुश ने शुक्रवार रात कहा कि एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया गया है. उन्होंने तीन अन्य संदिग्धों के बारे में नहीं बताया और यह भी नहीं कहा कि क्या दोनों जगहों पर हुये हमलों के लिए वही जिम्मेदार था.

अर्डर्न ने संवाददाता सम्मेलन में संभावित वजह के रूप में शरणार्थी विरोधी भावनाओें का हवाला देते हुये कहा कि गोलीबारी से प्रभावित हुए अधिकांश लोग या तो प्रवासी हैं या फिर शरणार्थीं है. उन्होंने न्यूजीलैंड को अपना घर चुना और यह उनका घर है. प्रधानमंत्री ने कहा कि वे हमारे हैं. जहां तक संदिग्धों का प्रश्न है वे ऐसे लोग हैं जिनके विचारों की व्याख्या अतिवादी विचारों के तौर पर की जाएगी ,जिसका न्यूजीलैंड में कोई स्थान नहीं है.

बुश ने बताया कि पुलिस ने कार में दो देसी विस्फोटकों का पता लगा लिया. इसे पहले कहा गया था कि कई वाहनों में इन्हें लगाया गया है. हमलावर ने एक लाइव वीडियो भी बनाया. जिसे उसने फेसबुक पर डाला. हालांकि फेसबुक ने इस वीडियो को हटा देने की बात कही है. बंदूकधारी मस्जिद में करीब दो मिनट रहा और वहां मौजूद नमाजियों पर बार बार गोलियां दागीं. यहां तक कि उसने पहले ही दम तोड़ चुके लोगों पर भी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं.

वहां से वह सड़क पर निकला और पैदल चल रहे लोगों पर गोलियां बरसाईं. फिर वह वापस मस्जिद में गया और करीब दो दर्जन से अधिक लोग जमीन पर पड़े थे. वहां से फिर वह वापस आया और एक महिला को गोली मार दी और अपनी कार में आकर बैठ गया. उसकी कार में इंग्लिश रॉक बैंड ‘‘ द क्रेजी वर्ल्ड ऑफ आर्थर ब्राउन’’ का ‘‘फायर’’ गीत बज रहा था. गीत में गायक गा रहा था, ‘‘आई एम द गॉड ऑफ हेलफॉयर’’ (मैं नर्क की अग्नि का देवता हूं।) इसके बाद बंदूकधारी वहां से चला जाता है और वीडियो बंद हो जाता है.

इसके अलावा एक दूसरे हमले में मस्जिद लिनवुड में हुई गोलीबारी में दस लोगों की मौत हो गई. जिस आदमी ने हमले की जिम्मेदारी ली है उसने कहा कि वह न्यूजीलैंड केवल इसलिए आया ताकि वह हमले की योजना तैयार कर सके और प्रशिक्षण दे सके. उसने कहा कि वह किसी संगठन का सदस्य नहीं है लेकिन उसका कई राष्ट्रवादी समूहों के साथ संबंध है.

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च आतंकवादी हमलों में भारतीय मूल का एक व्यक्ति भी घायल हुआ है. हैदराबाद में रह रहे उसके रिश्तेदारों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. शहर के बाहरी भाग में स्थित लिनवुड मस्जिद एवं मध्य क्राइस्टचर्च की अल नूर मस्जिद में हुए हमलों में कम से कम 49 नमाजियों की मौत हो गई थी. यह घटना पश्चिमी देश में मुस्लिमों के खिलाफ अब तक के सबसे भीषण हमले के तौर पर सामने आई है. खुर्शीद जहांगीर ने बताया कि उनका भाई अहमद इकबाल जहांगीर हमले में घायल हो गया और उसका फिलहाल क्राइस्टचर्च के एक स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है.