भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को शिकायत दी थी कि रणजी ट्रॉफी मैच खेलाने के नाम पर कुछ लोगों ने दिल्ली के युवा खिलाड़ियों से लाखों रुपये ऐंठ लिए हैं. इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

क्रिकेट में जालसाजी का मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है. इस मामले में जल्द ही गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव ने कहा कि बीसीसीआई की शिकायत के बाद से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस पूरे मामले की जांच कर रही है. दरअसल, रोहिणी और गुरुग्राम के दो खिलाड़ियों की तरफ से बीसीसीआई की कंप्लेंट सेल को शिकायत दी गई  कि कुछ लोगों ने नगालैंड और मणिपुर क्रिकेट एसोसिएशन की तरफ से होने वाले रणजी ट्रॉफी मैचों में खिलाने के नाम पर लाखों रुपये ले ऐंठ लिए हैं.

एफआईआर के मुताबिक दिल्ली के एक खिलाड़ी को अंडर-19 में नगालैंड क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वाधान में होने वाले पांच मैच में खेलाने के लिए 10 लाख रुपये की डिमांड की और पैसा भी ले लिए गए. इसके बाद जब वो क्रिकेट कोच के साथ वहां पहुंचा, तो उसने गेस्ट प्लेयर के रूप में दो मैच खेले, लेकिन बाकी के तीन मैचों में उसका नाम नहीं आया.

इसको लेकर जब खिलाड़ी ने आपत्ति जताई और पैसा वापस करने की बात कही, तो उसको धमकी दी गई. साथ ही उसके ऊपर जाली सर्टिफिकेट और गलत तरह से खेलने के आरोप लगाए गए.

मामले का पर्दाफाश करने में जुटी क्राइम ब्रांच
इसी तरह का एक मामला और सामने आया है. इसमें रोहिणी के एक दूसरे क्रिकेट खिलाड़ी को रोहिणी सेक्टर-21 में चल रहे क्रिकेट अकादमी में एक कोच के जरिए मणिपुर में अंडर-23 राज्य स्तरीय मैच में खेलाने को कहा गया और 10 लाख रुपये की मांग की गई.

इसके बाद कोच ने इस खिलाड़ी को कई लोगों से मिलवाया. हालांकि उसे कोई मैच नहीं खेलवाया गया. इस रैकेट में कई लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है. अब क्राइम ब्रांच उन सभी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि इस रैकेट का पूरा पर्दाफाश किया जा सके. इसके अलावा इस संबंध में क्राइम ब्रांच को कई राज्यों से भी शिकायत मिली थी.

बीसीसीआई ने अपनी शिकायत में क्राइम ब्रांच से कहा कि बीसीसीआई की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

कोच और क्रिकेट संघ के सदस्य रडार पर
इतना ही नहीं, यह नेटवर्क झारखंड के जमशेदपुर और रांची तक फैला हुआ है. इन जगहों के कई खिलाड़ियों से मैच खेलाने के नाम पर 10 लाख से 25 लाख रुपये तक रकम वसूली गई.

इस पूरी साजिश में हरियाणा और दिल्ली समेत कई क्रिकेट अकादमी के कोच और कई क्रिकेट संघ के सदस्य रडार पर हैं, जो खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय टूर्नामेंट या फिर बीसीसीआई या फिर बीसीसीआई के तहत होने वाले टूर्नामेंट में खेलने का लालच देते हैं.

फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम ऐसे सभी खिलाड़ियों से पूछताछ कर रही है. इनके बयान लिए जा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के तार अलग-अलग राज्यों से जुड़ते दिख रहे हैं. अभी इनकी जांच की जा रही है. क्राइम ब्रांच का मानना है कि यह एक बड़ा नेटवर्क है, जिसकी जांच में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं.