नई दिल्‍ली: सबसे अमीर भारतीय मुकेश अंबानी की कठिन समय में अपने छोटे भाई अनिल अंबानी की मदद के लिये आगे आने से दोनों भाईयों के रिश्ते में नया मोड़ ला सकता है. मुकेश अंबानी ने आखिरी समय में कर्ज बोझ तले दबी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस की तरफ से स्वीडन की कंपनी एरिक्सन को 550 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान कर अनिल को जेल जाने से बचा लिया. यह एतिहासिक क्षण था और इससे दोनों भाईयों के रिश्तों में बदलाव आ सकता है.

एक समय था जब दोनों भाईयों के बीच खुले आम कलह हो रही थी और एक दूसरे के खिलाफ अदालतों में लड़ाई हो रही थी. उद्योग जगत के लोगों का कहना है कि एक दशक से अधिक समय बाद दोनों भाईयों के रिश्तों में मेल जोल की शुरुआत हुई है.

अनिल ने भाई-भाभी को धन्‍यवाद दिया
अनिल को पत्नी और बच्चों के साथ हाल में मुकेश के बच्चों की शादी के दौरान फोटो खिंचाते और हंसी, ठिठोली करते देखा गया. अब बड़े भाई के मदद के लिये आगे आने पर उन्होंने भैया, भाभी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, ‘‘कठिन दिनों में उनके साथ खड़े होकर और समय पर समर्थन देकर बड़े भाई ने हमारे मजबूत पारिवारिक मूल्यों के महत्व को दर्शाया है.’’

एरिक्शन को बकाये का भुगतान करने के लिये मुकेश अंबानी की तरफ से 458 करोड़ रुपये मिलने पर अनिल ने कहा, ‘‘मैं और मेरा परिवार आभार व्यक्त करते हैं. हम पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चुके हैं. इस मौके पर हम दिल की गहराईयों से जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं.’’

दोनों भाईयों के साथ उनकी व्यावसायिक यात्रा के दौरान नजदीकी से जुड़े एक उद्योगपति ने कहा कि जो बयान जारी किया गया है उसमें मेल-मिलाप बढ़ाने की मंशा झलकती है. यह दोनों के बीच आपसी रिश्तों की नई शुरुआत हो सकती है. एक सूत्र ने कहा कि दोनों भाई भविष्य में अधिक मेलजोल के साथ काम कर सकते हैं. यह क्षण उनके रिश्तों में एतिहासिक मोड़ हो सकता है. हालांकि, दोनों समूहों ने उन्हें भेजे गये ई-मेल का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया.