पानीपत: पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले में NIA कोर्ट ने असीमानंद समेत सभी चारों आरोपियों को बरी कर दिया है. पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष NIA कोर्ट ने फैसला सुनाया.ब्लास्ट मामले के आरोपी स्वामी असीमानन्द, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी बरी हुए. पहले 11 मार्च को फैसला आना था लेकिन पाकिस्तान की एक महिला राहिला वकील द्वारा भारतीय वकील के माध्यम से लगाई गई याचिका के कारण फैसला टला था.

Samjhauta Blast Case: Visuals of Aseemanand from Panchkula Court. He and three others were acquitted by Court. #Haryana pic.twitter.com/chjsCm28IS

— ANI (@ANI) March 20, 2019

पाकिस्तानी महिला राहिला वकील की अपील एनआईए कोर्ट ने खारिज की लेकिन फैसला सुनाए जाने से ठीक पहले वकील मोमिन मालिक के जरिये एक पाकिस्तानी महिला वकील राहिला ने सेक्शन 311 के तहत एनआईए अदालत में एक अर्जी दायर की. इस अर्जी के जरिये उन्होंने दलील दी थी कि पाकिस्तान के पीड़ित परिवारों को गवाही देने का अवसर नहीं मिला है और ना ही उन तक समन तामील हुए हैं.

 26 जुलाई 2010 को मामला NIA को सौंपा गया था. 26 जून 2011 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी. भारत-पाकिस्तान के बीच सप्ताह में दो दिन चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी 2007 में बम धमाका हुआ था. ट्रेन दिल्ली से लाहौर जा रही थी. विस्फोट हरियाणा के पानीपत जिले में चांदनी बाग थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक हुआ था. हादसे में 68 लोगों की मौत हो गई थी. ब्लास्ट में 12 लोग घायल हो गए थे. धमाके में जान गंवाने वालों में अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक थे. मारे जाने वाले 68 लोगों में 16 बच्चों समेत चार रेलवे कर्मी भी शामिल थे.