लखनऊ: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा का तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरा बुधवार को संपन्न हो गया. लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में में कांग्रेस में नई जान फूंकने की कवायद में  पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका ने करीब सौ किलोमीटर की दूरी गंगा नदी मार्ग से तय की और तटों पर रहने वालों से मुलाकात की. प्रियंका के दौरे को लेकर सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने तंज कसा. उन्होंने कहा, "मंदिर में आदमी तभी जाता है जब अपने को संकट में समझता है. कांग्रेस उत्तर प्रदेश में तो संकट में है ही.

हाल के दिनों में सपा की ओर से यह पहला हमला है. इससे पहले दोनों दल के नेता एकदूसरे पर कटाक्ष करने से बचते रहे हैं. रामगोपाल यादव के बयान के बाद कांग्रेस की ओर तीखी प्रतिक्रिया आ सकती है. निकट भविष्य में दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज होने के पूरे आसार हैं. उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा ने गठबंधन करते हुए कांग्रेस को केवल दो सीटें छोड़ी हैं. वहीं कांग्रेस भी इसी रणनीति के तहत कुछ सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारने के पक्ष में है. कुछ समय खबर आई थी कि मायावती अमेठी और रायबरेली में भी उम्मीदवार उतारने के लिए सपा पर दबाव डाल रही हैं. मायावती साफ कह चुकी हैं कि कांग्रेस से गठबंधन किसी भी हालत में नहीं होगा.   

Samajwadi Party MP Ram Gopal Yadav on Priyanka Gandhi Vadra visiting temples in UP: Mandir mein aadmi tabhi jata hai jab apne ko sankat mein samajta hai. Congress UP mein toh sankat mein hai hi. pic.twitter.com/hv6CQNnZba

— ANI UP (@ANINewsUP) March 20, 2019

उधर, प्रधानमंत्री मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी गंगा मार्ग से पहुंचने पर प्रियंका ने नाविक समुदाय के लोगों से अस्सी घाट पर संवाद किया. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे देश में हो रही नकारातमक राजनीति को नकार दें और अपनी आवाज बुलंद करें. उन्होंने कहा कि इन चुनावों में एक नए तरह की राजनीति की जरूरत है. उन्होंने वोटरों से कहा कि वे नकारात्मक राजनीति को नकारें.

नाविकों में निषाद और मल्लाह समुदाय के लोगों ने अपनी समस्याओं से प्रियंका को अवगत कराया. प्रियंका ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनकी समस्याओं का हल करने के प्रयास करेगी. प्रियंका ने बीजेपी नेताओं को अहंकारी बताते हुए कहा कि जब राजनीति का मकसद केवल सत्ता हासिल करना हो जाता है तो उससे समस्या खड़ी होती है. उन्होंने कहा कि किसान परेशान हैं क्योंकि उन्हें उनके उत्पाद के सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं. युवा बेरोजगार हैं.