अहमदाबाद: लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका गुजरात से लगा है. पार्टी के विधायक लगातार उसका साथ छोड़ रहे हैं. इसी कड़ी में अल्पेश ठाकोर ने भी इस्तीफा दे दिया है. अल्पेश ठाकोर के साथ ठाकोर समुदाय के दो अन्य विधायकों ने भी कांग्रेस से नाता तोड़ लिया है. ये विधायक हैं: धवल सिंह ठाकोर और विधायक भरत जी ठाकोर. तीनों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है.

पिछले महीने इन्हीं तीनों विधायकों ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से भेंटकर हलचल बढ़ा दी थी. हालांकि अल्पेश ने इसे केवल औपचारिक भेंट बताया था. बाद में वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मिले थी और सब कुछ ठीक होने का दावा किया था. तीनों के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं.

पाटन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना थे अल्पेश
अल्पेश ठाकोर पाटन लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे. पार्टी ने उनकी बात नहीं मानी. कांग्रेस ने उनके बजाय पूर्व सांसद जगदीश ठाकोर को टिकट दे दिया. इसी बीच, एक अन्य घटनाक्रम में असंतोष को और बढ़ाया. साबरकांठा लोकसभा सीट से ठाकोर सेना ने संगठन के एक सदस्य को टिकट देने कांग्रेस की लेकिन उसे भी नजरअंदाज कर दिया. इसके बाद ठाकोर सेना ने कांग्रेस से ही किनारा करने का मन बना लिया.

पिछले 24 घंटे में बदले हालात
गुजरात क्षत्रीय ठाकोर सेना ने अल्पेश को कांग्रेस से इस्तीफा देने और 24 घंटे के भीतर अपना रूख स्पष्ट करने को कहा था. ठाकोर सेना की कोर कमेटी की बैठक मंगलवार को हुई जिसमें यह निर्णय लिया गया था. ठाकोर सेना ने साफ अल्टीमेटम देते हुए अगर वह हमारे साथ रहना चाहते हैं तो उन्हें पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा देना होगा. गुजरात में एक प्रमुख ओबीसी नेता के रूप में उभरने के बाद वह 2017 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुये और पाटन जिले में राधानपुर सीट से चुनाव जीते थे. ओबीसी नेता ने दावा किया उनका समुदाय और समर्थक ‘ठगा’ हुआ और ‘उपेक्षित’ महसूस कर रहे हैं.