ात्रकार शलभ भदौरिया थोड़ा हट्टोल किस्म के सहाफी हैं। पैंतालीस बरसों से ज्यादा की पत्रकारिता के दौरान इन्ने पत्रकारिता के तमाम उतार चढ़ावों को देखा और अपनी अलग पेचान भी कायम रखी। कोई तीस बरसों से भी ज्यादा हो गए ये मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ के खलीफा भी हैं। उमर हे कोई 69 बरस। खादी के कुर्ते पायजामें और जैकेट इनका स्टाइल स्टेटमेंट है। आमतौर पे जिस उमर में पत्रकार एक्टिव जर्नलिज्म से किनारा कर लिया करते हैं शलभ भदौरिया ने सैटेलाइट चैनल अनादि टीवी में गु्रप एडिटर इन चीफ की कुर्सी संभाली है। यूं तो इनका ज्यादातर वक्फा प्रिंट मीडिया में बीता बाकी कोई बीसेक बरस पेले ये सिटी केबिल के एडिटोरियल डायरेक्टर हुआ करते थे। तब नेताओं से इंटरव्यू वाला इनका लाइव कार्यक्रम टिप्पणी खासा मकबूल था। अनादि में इनकी आमद को तमाम लोग ताज्जुब से भी देख रहे हैं। बाकी खास बात ये हेगी के जिस अग्निपथ अखबार के ये संपादक हैं वो अखबार अनादि के मालिक ओपी कृपलानी का ही है। बाकी अनादि में इन्हें बतौर संपादक सीनियर जर्नलिस्ट सोमदत्त शास्त्री, एसोसिएट एडिटर के तौर पे मनीष गुप्ता और न्यूज एडिटर के तौर पे जुबैर कुरेशी का साथ मिलेगा।