नेताओं की बदजुबानी पे चुनाव आयोग ने पेली बार कुछ दिनों का बैन लगाया है। इनमें आजम खान, मायावती, योगी आदित्यनाथ और मेनका गांधी शामिल हैं। देखते हैं इसका क्या असर होता है। देश की उन पांच सीटों पर अनंत मिश्रा ने जानदार खबर पेश की है जहां कोई लहर या आंधी नहीं। निगम बड़े तालाब का वजूद मिटाने पे आमादा है। खानूगांव वाला काम रोका गया तो अब गौहर महल के पास मलबा बिछा क र घाट बनाया जा रहा है। यूं तो हमीदिया में तमाम तरह की गैरजिम्मेदारियां हैं फिर भी वहां सिर से गुप्ती निकालने का आपरेशन कामयाब हो गया। इन चुनावों ने बड़े नेताओं ने अपने मोहरों पे दांव खेला है। जितेंद्र चौरसिया ने पूरा गणित पेश किया।