नई दिल्ली: श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए आईसीसी विश्व कप के लिए उस खिलाड़ी को कप्तान बनाया है, जो उसकी वनडे टीम का नियमित सदस्य भी नहीं है. उसकी श्रीलंका की क्रिकेट में वही छवि है, जो भारत में चेतेश्वर पुजारा या अजिंक्य रहाणे की है. यानी, उसे ‘टेस्ट स्पेशलिस्ट’ माना जाता है. 30 साल के इस खिलाड़ी ने 9 साल के इंटरनेशनल करियर में 60 टेस्ट मैच खेले हैं. वनडे क्रिकेट में उसे सिर्फ 17 मैचों में खेलने का मौका मिला है. इतना ही नहीं, उन्होंने आज तक श्रीलंका के लिए एक भी टी20 मैच नहीं खेला है.

बात हो रही है दिमुथ करुणारत्ने की. श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने बुधवार (17 अप्रैल) को वनडे टीम का कप्तान घोषित किया. बोर्ड ने कहा कि करुणारत्ने इंग्लैंड एंड वेल्स में होने वाले क्रिकेट विश्व कप के लिए श्रीलंका के कप्तान होंगे. हालांकि, बोर्ड विश्व कप के लिए अब तक टीम की घोषणा नहीं की है. यह विश्व कप 30 मई से खेला जाएगा.

30 वर्षीय दिमुथ करुणारत्ने ने विश्व कप-2015 वर्ल्ड कप के बाद से श्रीलंका के लिए एक भी वनडे मैच नहीं खेला है. ऐसे में विश्व कप के लिए उनको कप्तान बनाया जाना हैरानी भरा फैसला है. उन्होंने श्रीलंका के लिए अब तक मात्र 17 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 15.83 के औसत से 190 रन बनाए हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 60 रन है. करुणारत्ने के खाते में सिर्फ एक अर्धशतक दर्ज है.

आईसीसी वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, करुणारत्ने इस समय टीम के टेस्ट कप्तान हैं. उनकी कप्तानी में श्रीलंका ने इस साल दक्षिण अफ्रीका में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती है. श्रीलंका ने पिछली चार सीरीज अलग-अलग कप्तानों की कप्तानी में खेली है.

दिमुथ करुणारत्ने को कप्तान बनाए जाने के साथ ही अनुभवी गेंदबाज लसिथ मलिंगा इस रेस से बाहर हो गए हैं. करुणारत्ने को पिछले महीने ही एक दुर्घटना के बाद नशे में गाड़ी चलाने को लेकर गिरफ्तार किया गया था और उन पर जुर्माना लगाया गया था।