नई दिल्ली : निर्वाचन आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी फिल्म के निर्माताओं को अपना पक्ष रखने का एक और मौका दिया है. आयोग में गुरुवार दोपहर 12 बजे फिल्म में पीएम मोदी का किरदार निभाने वाले एक्टर विवेक ओबेरॉय और फिल्म निर्माता मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेंगे. बुधवार शाम करीब 5 बजे चुनाव आयोग के विशेषज्ञों की टीम ने पीएम मोदी पर बनी बायोपिक फिल्म देखी. उसके बाद निर्वाचन आयोग ने निर्माताओं को कहा कि वे अपना पक्ष गुरुवार को आयोग के सामने रखें.

फिल्मकारों के पक्ष की बात जानने के बाद आयोग अपनी टीम की रिपोर्ट को सामने रखकर शुक्रवार को सील बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर देगा. दरसअल, फिल्म के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है. क्योंकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देकर प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. लेकिन आचार संहिता की अड़चन और राजनीतिक विवाद की वजह से आयोग ने इसकी रिलीज रोक दी है.

फिल्मकारों की ओर से कोर्ट में कहा गया कि अदालत फिल्म देख ले और फैसला दे. फ़िल्म ना देखे तो प्रोमो ही देख ले पर अदालत ने खुद फिल्म देखने से इनकार कर दिया था और ये जिम्मेदारी आयोग को दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कहा था कि फिल्म देखने के बाद शुक्रवार तक कोर्ट में जवाब दाखिल करे.

गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी को 11 अप्रैल को रिलीज किया जाना था, लेकिन चुनाव पर पीएम की बायोपिक का असर पड़ने का हवाला देते हुए EC ने विवेक ओबेरॉय की मूवी पर रोक लगा दी थी. चुनाव आयोग ने अपने फैसले में कहा था कि लोकसभा चुनाव खत्म होने तक पीएम की बायोपिक को रिलीज नहीं किया जाए सकेगा. फैसले के खिलाफ फिर मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी.

दूसरी तरफ, फिल्म पर रोक लगने से मेकर्स अपसेट हैं. फिल्म के प्रोड्यूसर संदीप सिंह रिलीज टलने से तनाव में हैं. संदीप सिंह ने कहा था, "हम बहुत ज्यादा तनाव में हैं. टीम अब आत्मविश्वास खो रही है, लेकिन हम उम्मीद और आशा करते हैं कि हमें न्याय मिलेगा और हमारी फिल्म रिलीज होगी. ऐसा पहली बार हो रहा है कि फिल्ममेकर्स को इतने सब से गुजरना पड़ रहा है. बहुत ज्यादा ह्यूमिलेशन और बहुत ज्यादा तनाम मिला है. पद्मावत के वक्त भी इतना तनाव नहीं हुआ होगा."

 बता दें, फिल्म को लेकर शुरुआत से विवाद बना हुआ है. फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट को लेकर ट्रोलर्स आक्रामक बने हुए हैं. राजनीतिक पार्टियां भी चुनावी माहौल में मूवी की रिलीज का विरोध कर रही हैं. पीएम मोदी की बोयापिक को ओमंग कुमार ने डायरेक्ट किया है. यूट्यूब से मूवी का ट्रेलर भी हटा दिया गया है. ट्रेलर को हटाने की वजह चुनाव आयोग का फैसला बताया जा रहा है.फिल्म को रिलीज से पहले पीएम मोदी को दिखाया गया था. पीएम की टीम ने फिल्म को मंजूरी दे दी थी.