भोपाल से साध्वी प्रज्ञा भारती की उम्मीदवारी के बाद मचे सियासी तूफान पर विजय कुमार दास ने बेलेंस पीस लिखा। दोनों दलों में चल रही चुनावी रणनीति को भेतरीन समेटा गया। विजय दास लिखते हैं कि कुछ भी हो जाए लेकिन शहर में कम्यूनल टेंशन जैसे हालात नहीं बन सकते। इस चुनाव को दोनों ही पार्टियां प्रतिष्ठा का प्रश्न मान कर चल रही हैं। हिंदी मेल ने 35 फीसदी युवाओं से इस सीट पर उनके  मन को टटोला। यहीं प्राकृतिक आपदा पर पीएम के ट्वीट पे कमलनाथ के जवाब के बाद बाद हुई सियासत वाली खबर भी सेट हो गई। यहीं मोदी की सोलापुर और राहुल की कन्नूर सभा वाले आईटम भी सेट हो गए।