भोपाल: बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने गुरुवार को अपना चुनाव अभियान शुरू किया. उन्होंने हुजूर विधानसभा के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान साध्वी आप बीती सुनाते हुए भावुक हो गईं. उन्होंने दिग्विजय सिंह पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया, "सिंह ने मुझसे बदला लिया. षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार दिग्विजय सिंह हैं.

जेल के दिनों को याद करते हुए साध्वी ने कहा, "मुझे दिन-रात बेल्ट से पीटा गया. नमक के पानी में हाथ डूबाते थे. निर्वस्त्र करने की धमकी दी जाती थी. पीटने वाले बदल जाते थे, लेकिन मुझे पीटते रहते. मुझसे विस्फोट करने की बात कबूलवाना चाहते थे. 24 दिनों तक मुझे कुछ खाने को नहीं दिया, बस पानी देते थे. नार्को, पॉलीग्राफी टेस्ट की वजह से कैंसर हुआ."

उन्होंने कहा, "मेरा एनकाउंटर करने का प्रयास किया गया. मेरी कमर तोड़ दी गई." उन्होंने कहा कि मेरा नाम स्वामी पूर्णचेतना है, इसलिए मैं चेतना जगाने आई हूं. साध्वी ने फिर दोहराया, "मैं नेतागिरी करने नहीं आई हूं, मैं धर्मयुद्ध करने आई हूं."

राजधानी के मानस भवन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में साध्वी प्रज्ञा ने कहा, "मैं कभी भी विवादों में नहीं रही, मेरे खिलाफ साजिश रची गई. मालेगांव बम विस्फोट मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद मुझे प्रताड़ित किया गया. मैं नहीं चाहतीं कि अब कोई दूसरी बहन इस तरह से प्रताड़ित हो." उन्होंने कहा, "इस चुनाव में वोट की भिक्षा मांग रही हूं। जब आप यह भिक्षा दे देंगे तो मानिए आपने राष्ट्र रक्षा के ऋण से मुक्त होने का प्रयास कर लिया.

साध्वी प्रज्ञा ने कहा, मुझे जिस तरह से प्रताड़ित किया गया, उस तरह तो गुलामी के दौर में भी प्रताड़ित नहीं किया गया होगा। अब मैं कैसे यह भरोसा कर लूं कि आने वाले दिनों में किसी अन्य महिला के साथ ऐसा नहीं होगा.

प्रज्ञा से जब संवाददाता ने पूछा की पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रताड़ना के सबूत मांग रहे हैं तो उन्होंने कहा, "यह अच्छी बात है कि वह (दिग्विजय) स्वयं यह कह रहे हैं, सबूत भी उन्हें मिल जाएंगे, निश्चित रूप से मिलेंगे. बिना प्रमाण के मैं कोई बात नहीं करती। उन्होंने (कांग्रेस) अब तक जो गैर कानूनी कार्य और षड्यंत्र किए हैं, उनका प्रत्यक्ष प्रमाण मैं हूं." बीजेपी ने भोपाल संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के खिलाफ साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा है. साध्वी पर मालेगांव बम विस्फोट में शामिल होने का आरोप है.