नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर मंतर पर आज एक बार फिर अस्थायी तौर पर बंद हुए जेट एयरवेज के कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं. जेट एयरवेज के बंद होने से करीब 22 हजार लोग बेरोजगार हो गए हैं. प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों ने पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है. बता दें कि जेट एयरवेज के हजारों कर्मचारियों को छह महीने तक का वेतन नहीं मिला है.

जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने गुरुवार को भी जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था. इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वह प्रदर्शन नहीं प्रार्थना कर रहे हैं कि जेट एयरवेज एक बार फिर उड़ान भरने लगे और इसमें काम करने वाले हजारों लोगों को मेहनताना मिले.

कर्मचारियों की मदद के लिए सोसाइटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पायलट्स ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है. इसमें कहा गया है कि जेट एयरवेज के बंद होने से पीएम मोदी का वो सपना पूरा नहीं होगा जिसमें वो हवाई चप्पल वाले यात्रियों को हवाई सफर कराना चाहते हैं.

जेट एयरवेज लगभग 8,500 करोड़ रुपए के कर्ज में डूबी है. कंपनी ने बुधवार रात 12 बजे से अपनी सारी सेवाएं अनिश्चित समय के लिए बंद कर दी हैं. इसके पीछे जेट ने कहा है कि उसे फ्यूल और अन्य सुविधाएं जुटाने के लिए पैसे की कमी हो रही थी जिसके बाद कंपनी ने यह निर्णय लिया है.