नई दिल्लीः देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई  ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि न्यायपालिका खतरे में है। उन्होंने कहा, 'मैं इन आरोपों का जवाब नहीं देना चाहता हूं'।  रंजन गोगोई ने कहा कि जिस महिला ने आरोप लगाया है, वह 4 दिन जेल में थी। महिला ने किसी शख़्स को सुप्रीम कोर्ट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था और पैसे लिए थे। अगले हफ्ते कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होनी है, इसीलिए जानबूझकर ऐसे आरोप लगाए गए।

CJI on sexual harassment allegations against him says independence of judiciary is under very very serious threat and there is a “larger conspiracy” to destabilise the judiciary. He says there is some bigger force behind the woman who made sexual harassment charges. https://t.co/tc05vQcBZK

— ANI (@ANI) April 20, 2019

Chief Justice of India says, "Independence of judiciary is under serious threat, very hurt with the allegations being levelled. 4 media houses have published stories in great detail. I received communication from them."

— ANI (@ANI) April 20, 2019

सीजेआई ने कहा कि जब महिला ने सर्विस ज्वॉइन किया तब भी इसके ऊपर मामला दर्ज था। इतना ही नहीं महिला के पति पर भी दो मामले दर्ज़ हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने इस पर फिलहाल कोई आदेश पारित नहीं किया है और मीडिया को न्यायपालिक की स्वतंत्रता के लिए संयम दिखाने को कहा है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जूनियर सहायक के तौर पर काम करने वाली एक 35 वर्षीय महिला ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के 22 जजों को ख़त लिखकर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने इस पर फिलहाल कोई आदेश पारित नहीं किया है और मीडिया को न्यायपालिक की स्वतंत्रता के लिए संयम दिखाने को कहा है।