क्याआज के दौर में भी ऐसे संत-साध्वी जिंदा हैं कि जिनके  श्राप से किसी का सर्वनाश हो जाए। प्रज्ञा भारती का दावा है कि उनके श्राप से हेमंत करकरे की जान गई। दिग्विजय सिंह अपनी लाइन पे चल रहे हैं। उन्होंने इस पर भयंकर प्रतिक्रिया से गुरेज किया। अलबत्ता कमलनाथ ने कहा कि शहीदों का अपमान करने का हक किसी को नहीं है। पूरी खबर यहां मुकम्मल लीड बनी। उधर यूपी में सत्ता के लिए चौथाई सदी के बाद मुलायम और माया का मिलन हुआ। अंदर के सफे पे प्रज्ञा, करकरे और दिग्विजय के मालेगांव कनेक्शन वाली खबर भी भरपूर रही। सरकारी आयुष्मान योजना बजट के अभाव में ठप हुई जा रही है। हमीदिया में दिल के मरीजों को स्टेंट नहीं लगाए जा रहे। सुभाष नगर आरओबी अब तक नहीं बन सका। फोटू अच्छा है लेकिन कंटेंट कमजोर।