नई दिल्ली: केले में पोटैशियम और विटामिन की भरपूर मात्रा होती है. इसके अलावा भी इसमें कई तरह के  पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी है. इसी वजह से हम सभी केले को अपने खाने में शामिल करते हैं. अगर आप रोजाना केला खाते हैं तो हार्ट अटैक की संभावना बहुत हद तक कम हो जाती है. इसके अलावा भी इसके कई अन्य फायदे हैं. इस विशेष दिन आपको सड़े हुए केले के फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं. दरअसल, केले का रंग जैसे ही भूरा होने लगता है, हम उसे सड़ा हुआ मानकर फेक देते हैं. लेकिन, इस आर्टिकल में आपको बताने जा रहे हैं कि सड़ा हुआ केला भी बहुत काम का होता है. अगर इसका खाने में इस्तेमाल किया जाए तो कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है.

रंग के आधार पर केले चार रंग के होते हैं. केला सड़ा है, पका है या कच्चा है इसके बारे में इसके रंग से ही पता चलता है. अगर केले का रंग हरा है तो यह कच्चा होता है. इसका इस्तेमाल सब्जी के तौर पर भी किया जाता है. जैसे-जैसे यह पकने लगता है, इसका रंग पीला होने लगता है. जब यह ज्यादा पक जाता है तो इसके छिलके पर भूरे-भूरे धब्बे आने लगते हैं. अगर इस दौरान भी इसे खाने में नहीं इस्तेमाल किया गया तो यह ज्यादा पक कर सड़ने लगता है. सड़ने के दौरान इसके छिलके का रंग पूरी तरह भूरा हो जाता है

चूंकि, आज वर्ल्ड बनाना डे है, इसलिए इस अवसर पर यूनाइटेड नेशन की एक संस्था इंटनेशनल फंड फॉर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट (IFAD) ने सड़े हुए केले के चमत्कारी गुणों के बारे में बताया है. IFAD के मुताबिक, सड़े हुए केले में ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) की बहुत मात्रा होती है. यह स्ट्रेस और एंजायटी को कम करता है. इसके अलावा इसमें पोषक तत्वों का भंडार होता है. इसलिए, सड़े हुए केले का इस्तेमाल ब्रेड बनाने के लिए, या फिर मिल्कशेक बनाने के लिए किया जा सकता है.

अगर आप हरे केले को खाते हैं तो यह आपके ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखता है. यह बहुत धीरे-धीरे पचता है, जिसकी वजह से ब्लड ग्लूकोज बहुत कम पैदा होता है.

पका हुआ केला अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट माना जाता है. यह आपके मेटबॉलिज्म को मजबूत करता है, जिससे बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है. यह बहुत आसानी से पचता भी है, इसलिए नास्ते के रूप में इसका इस्तेमाल किय जा सकता है.