कोलंबो : श्रीलंका में सोमवार को कोलंबो एयरपोर्ट के पास एक और जिंदा बम बरामद किया गया. हालांकि पुलिस ने इसे समय रहते निष्क्रिय कर दिया है. साथ ही रविवार को हुए धमाकों के संबंध में 13 संदिग्‍धों की गिरफ्तारी की गई है. वहीं रविवार को धमाकों के बाद देश में लगाए गए कर्फ्यू को सोमवार सुबह 6 बजे हटा लिया गया है. रविवार को श्रीलंका के गिरजाघरों और पांच-सितारा होटलों में ईस्टर के मौके पर हुए आत्मघाती हमलों समेत आठ बम धमाकों में 215 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 500 अन्य लोग घायल हो गए.

लिट्टे के साथ खूनी संघर्ष के खत्म होने के बाद करीब एक दशक से श्रीलंका में जारी शांति भी इस घटना से भंग हो गई. इन धमाकों में मरने वाले लोगों को दुनियाभर में श्रद्धांजलि दी गई. फ्रांस के पेरिस स्थित ऐफिल टावर की लाइटें आधी रात को बंद कर दी गईं. इसके अलावा भारत के गया स्थित महाबोधि मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं ने प्रार्थना की.

पुलिस के प्रवक्ता रूवन गुणशेखरा ने बताया कि यह श्रीलंका में हुए अब तक के सबसे खतरनाक हमलों में से एक है. ये विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह पौने नौ बजे के करीब ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी गिरजाघर, पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो के सेंट सेबेस्टियन गिरजाघर और बट्टिकलोवा के जियोन गिरजाघर में हुए. कोलंबो के तीन पांच सितारा होटलों - शांगरी ला, सिनामोन ग्रैंड और किंग्सबरी को भी निशाना बनाया गया. गुणशेखरा ने धमाकों में 207 लोगों की मौत की पुष्टि की. हालांकि स्थानीय समाचार चैनल न्यूज फर्स्ट के मुताबिक मृतकों की संख्या 215 है.

#WATCH France: The Eiffel Tower in Paris went dark at the midnight, as a tribute to those who lost their lives in the serial bombings in Sri Lanka on 21st April. More than 200 people died & 450 were injured in the bombings that took place in churches & hotels of the country,y'day pic.twitter.com/w2ScUB7ua0

— ANI (@ANI) April 22, 2019

श्रीलंका के पर्यटन विभाग के चेयरमैन किशु गोम्स ने बताया कि इन धमाकों में 33 विदेशी नागरिक मारे गये हैं. ऐसा माना जा रहा है कि किसी एक संगठन ने ही इन धमाकों को अंजाम दिया है. नेशनल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अनिल जयसिंघे ने 33 में से 12 विदेशी नागरिकों की पहचान की है जिनमें भारत के तीन, चीन के दो तथा पोलैंड, डेनमार्क, जापान, पाकिस्तान, अमेरिका, मोरक्को और बांग्लादेश के एक-एक नागरिक शामिल हैं.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर तीन भारतीयों की पहचान लक्ष्मी, नारायण चंद्रशेखर और रमेश के तौर पर की है. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त ने जानकारी दी है कि नेशनल हॉस्पिटल ने उन्हें तीन भारतीयों की मौत के बारे में सूचित किया है.”  इन धमाकों में भारतीय लोगों समेत करीब 500 लोग घायल हुए हैं. रविवार को हुए इन धमाकों की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है.

गुणशेखरा ने संवाददाताओं को बताया, पुलिस फिलहाल इस बात की पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है कि क्या सभी हमले आत्मघाती थे. हालांकि उन्होंने कहा कि नेगोम्बो गिरजाघर में हुए बम धमाके से आत्मघाती हमले के संकेत मिलते हैं. एक अज्ञात अधिकारी ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर ने सिनामोन ग्रैंड होटल के रेस्तरां में विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया.

गुणशेखरा ने कहा कि नेशनल हॉस्पिटल में 66 शव रखे गये हैं तथा 260 घायलों का इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि 104 शव नेगोम्बो अस्पताल में रखे गए हैं तथा यहां 100 घायलों का इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि बाद में राजधानी के दक्षिणी उपनगर में कोलंबो चिड़ियाघर के पास एक शक्तिशाली धमाका हुआ जिसमें दो लोगों की मौत हो गई.

पुलिस का एक दल ओरुगोदावट्टा क्षेत्र के एक घर में जब जांच के लिए पहुंचा तक वहां मौजूद एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया. इस विस्फोट में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. यह आठवां धमाका है. आठवें विस्फोट के तुरंत बाद सरकार ने तत्काल प्रभाव से कर्फ्यू लगा दिया. यह कर्फ्यू अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा.

गुणशेखरा ने कहा कि इन धमाकों के सिलसिले में अब तक 13 संदिग्ध गिरफ्तार किये गये हैं. श्रीलंका के रक्षा राज्य मंत्री रूवन विजयवर्धने ने कहा, “हमारा मानना है कि ये सुनियोजित हमले थे और इनके पीछे एक समूह था.”  श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरी तरह से अप्रत्याशित घटना से सदमे में हूं. सुरक्षाबलों को सभी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं.’’

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसे ‘‘कायराना हमला’’ बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ‘‘स्थिति को नियंत्रण’’ में करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने ट्वीट किया,‘‘ मैं श्रीलंका के नागरिकों से दुख की इस घड़ी में एकजुट एवं मजबूत बने रहने की अपील करता हूं. सरकार स्थिति को काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठा रही है.’’

विक्रमसिंघे ने बाद में शाम को कहा कि उनकी सरकार को हमले की आशंका के बारे में सूचना मिली थी लेकिन इसे रोकने के पर्याप्त कदम नहीं उठाये गए. उन्होंने कहा कि मिली सूचना के आधार पर साजिश करने वालों के स्थानीय होने की जानकारी मिली थी. राजधानी में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अस्थायी रोक लगा दी है. श्रीलंका के आर्थिक सुधार एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री हर्षा डी सिल्वा ने कहा, ‘‘बेहद भयावह दृश्य. मैंने लोगों के शरीर के अंग इधर-उधर बिखरे देखा.’’

कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने कहा कि वह श्रीलंका की परिस्थितियों की निगरानी कर रहा है. उच्चायोग ने ट्वीट किया, ‘‘हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. भारतीय नागरिक किसी भी तरह की सहायता, मदद और स्पष्टीकरण के लिए इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं- +94777903082, +94112422788, +94112422789.’’

उच्चायोग ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ दिये गये नंबरों के अलावा भारतीय नागरिक किसी भी सहायता के लिए +94777902082, +94772234176 नंबरों पर भी फोन कर सकते हैं.’’ पहले धमाकों की खबर कोलंबो के सेंट एंथनी गिरजाघर और राजधानी के बाहर नेगोम्बो में सेंट सेबेस्टियन गिरजाघर से आई.

सेंट सेबेस्टियन गिरजाघर के फेसबुक पेज पर अंग्रेजी में लिखी गई एक पोस्ट में कहा, “हमारे गिरजाघर में एक बम धमाका हुआ है, यदि आपके परिजन यहां हैं तो कृपया आइये और मदद कीजिये.” सोशल मीडिया पर घूम रही तस्वीरों में सेंट सेबेस्टियन गिरजाघर को धमाके में व्यापक नुकसान नजर आ रहा है.

सरकारी डेली न्यूज की खबर के मुताबिक, इन विस्फोटों को देखते हुए भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दंगा पुलिस और विशेष कार्य बल समेत अतिरिक्त सुरक्षा बल को हवाई अड्डे के पास तैनात कर दिया गया है. सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. कोलंबो जिले में ईस्टर पर होने वाली सभी प्रार्थना सभाएं रद्द कर दी गई हैं. श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने इन हमलों को ‘नृशंस’ बताया है.